अलीगढ़। जिला कारागार में निरुद्ध एक विचाराधीन बंदी की शुक्रवार को मौत हो गई। उसकी अचानक तबियत खराब हुई थी, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में बंदी था। एक दिन पहले ही उसके साथ बंद हुए उसके बेटे और बेटी की जमानत हुई थी। मृतक के छोटे बेटे ने पुलिस पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
हाथरस के सादाबाद के गांव थलूगढ़ी का रहने वाला शिव सिंह पुत्र दरियाव सिंह किसान था। उसकी पुत्र वधु मीना देवी पत्नी कृष्णवीर ने अपने पति, ससुर शिव सिंह और ननद मंजू देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी के चलते गत 15 मार्च को तीनों की गिरफ्तारी हुई थी। पति कृष्णवीर और ननद मंजू देवी को गुरुवार को जमानत मिल गई थी, जबकि शिव सिंह जेल में ही था।
शुक्रवार को शिव सिंह की तबियत खराब हो गई। इस बात की सूचना जेल प्रशासन को हुई तो शिव सिंह को जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां पर शिव सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दूसरी ओर शिव सिंह के छोटे बेटे वीरेंद्र ने आरोप लगाया है कि उनके पास हाईकोर्ट से गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट का स्टे था। लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने उसके पिता को अवैध तरीके से गिरफ्तार किया।