विष्णुपुरी इलाके के जीवन हास्पिटल में लिंग परीक्षण के आरोप पर राजस्थान पुलिस की सोमवार की कार्रवाई के बाद मंगलवार को क्वार्सी थाने में राजस्थान के पीएनडीटी प्राधिकारी ने दो तहरीर दीं। एक तहरीर पीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन और दूसरी सरकारी कार्य में बाधा डालने की है। साथ ही एक प्रार्थना पत्र दिया गया है, जिसमें दो व्यक्तियों से पूछताछ करने में सहयोग करने की बात कही गई है। वहीं राजस्थान पुलिस इस मामले में तीन दलालों को गिरफ्तार कर ले गई है। पूरे मामले में जयपुर के पीसीपीएनडीटी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार दलालों को बुधवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
राजस्थान पुलिस के इंस्पेक्टर श्रीराम की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि 16 अक्तूबर को जब वह बेला मार्ग स्थित जीवन हास्पिटल पर कार्रवाई के लिए पहुंचे, तो वहां नर्सिंग होम के कुछ व्यक्तियों ने सोनोग्राफी मशीन में तोड़फोड़ की और सरकारी कार्य में बाधा डाली।
साथ ही कार्रवाई में जुटी टीम के सदस्यों के साथ गालीगलौज और मारपीट की। इसलिए राजकीय कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज की जाए। दूसरी तहरीर लिंग परीक्षण कराए जाने की और पीएनडीटी एक्ट के तहत दी है। इसमें नर्सिंग होम के मशीन वाले कमरे को सीज किए जाने की बात का भी जिक्र है। प्रार्थना पत्र में पुलिस को संज्ञान दिया है कि वह अनिल कुमार पुत्र सूरजमल और रिंकू शर्मा से इस प्रकरण के संबंध में पूछताछ करेगी।
बता दें कि सोमवार को हुई कार्रवाई के बाद डॉक्टर को गिरफ्तार करके ले जाने के मुद्दे पर क्वार्सी थाना राजनीति का अखाड़ा बन गया था। रात डेढ़ बजे तक तमाम तर्क-वितर्क के बाद राजस्थान की टीम डॉ. जयंत को नोटिस देकर छोड़ गई थी। यहां डॉक्टरों और समर्थन में आए भाजपा विधायकों का तर्क था कि ऐसे मामलों में यूपी में सीधे गिरफ्तारी नहीं होती। सीओ तृतीय संजीव दीक्षित के अनुसार तहरीरें मिली हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है।
कोख में कत्ल करने का गढ़ बना अलीगढ़
अलीगढ़। अलीगढ़ भी कोख में ‘बेटी’ की कत्लगाह बन गया है। सोशल विजिलेंट संस्था की सुनीता कुमारी ने कहा कि ताले और तालीम के लिए पहचाना जाने वाला शहर अब बेटी के कत्ल के लिए चर्चा में आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग में चार दशक तक सेवाएं दे चुके मो. फैज कहते हैं कि एनसीआर में नियमों का सख्ती से पालन हो रहा है। इसलिए वहां यह काम मुश्किल है। जबकि अलीगढ़ में उदासीनता की स्थिति है।
निष्पक्ष जांच हुई तो निर्दोष साबित होंगे : डॉ. जयंत
जीवन हास्पिटल के डॉ. जयंत शर्मा ने कहा कि जांच अगर निष्पक्ष हुई, तो वह निर्दोष साबित होंगे। लेकिन जांच को प्रभावित करने की तरकीबें की जा रही हैं। जब से उन्होंने खुद को मेयर पद का प्रत्याशी होने की बात जाहिर की है, तभी से उनके खिलाफ षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। इस मामले में जो भी जरूरी कानूनी औपचारिकता है, वह पूरी कर रहे हैं।
राजस्थान पुलिस नोटिस देकर जीवन हॉस्पिटल में हुई छापामार कार्रवाई के बाद संचालक डॉक्टर को नोटिस देकर चली गई है। अब वह अपने यहां पीएनडीटी थाने में मुकदमा आदि की कार्रवाई कर कोई निर्णय लेगी। - रामसूरत पांडेय, एसीएम प्रथम
एक दलाल ने अपनी बहन का भी कराया गर्भ परीक्षण
राजस्थान पुलिस तीनों दलालों को अपने साथ ले गई। एक दलाल ने तो अपनी गर्भवती बहन के ही भ्रूण के लिंग का परीक्षण करवा दिया। इन तीनों को बुधवार को सीकर में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
राजस्थान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक और पीसीपीएनडीटी के राज्य समुचित प्राधिकारी अध्यक्ष नवीन जैन की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार सीकर के नीमका थाना निवासी दलाल महेश कुमार गर्भवती महिलाओं को लिंग जांच के लिए अलीगढ़ ले जाया करता था। इसने यहां अपनी बहन के ही भ्रूण का लिंग परीक्षण करवा दिया।
टीम ने एक महिला को 30 हजार रुपये लेकर दलाल के पास भेजा था। यहां पर आरोपी हास्पिटल में न तो कोई दस्तावेज चेक किए गए और न ही फार्म एफ भरवाया गया। इस दौरान महेश कुमार ने दो अन्य दलाल रिंकू और अनिल से संपर्क किया। मौका मिलते ही टीम ने तीनों दलालों को पकड़ लिया।
हंगामे के लाभ में डॉक्टर बच गए। इस मामले में पीसीपीएनडीटी एक्ट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। नवीन जैन ने बताया कि इस कार्रवाई में पीसीपीएनडीटी सेल के नोडल अधिकारी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रणवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक श्रीराम बलसड़ा, हेड कांस्टेबल साबर मल, कांस्टेबल विजयपाल सिंह, शंकर सिंह, जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक नंदलाल पूनिया, जिला आशा समन्वयक झुंझनू व जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक झुंझनू दिनेश कुमार शामिल थे।