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अलीगढ़ में दिनदहाड़े दो भाइयों को मौत के घाट उतारा

Tue, 08 Aug 2017 01:58 AM IST
अमर उजाला, अलीगढ़
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घरवालों पर चला दी गोलियां - फोटो : demo pic
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रक्षाबंधन के दिन सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील पुराने शहर के बीचोंबीच अति व्यस्त रेलवे रोड बाजार में कचौड़ी विक्रेता ने दूसरे समुदाय के दो सगे भाइयों की गोलियां मारकर हत्या कर दी। मसला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण इलाके में अफरातफरी मच गई और तनाव पैदा हो गया। बाजार भी बंद हो गया। 
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घटना के विरोध में मृतक परिवार और आसपास के लोगों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा काटा और जीटी रोड स्थित मालगोदाम पर जाम लगा दिया। रोडवेज बस पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए, बस फूंकने की कोशिश की गई।

पुलिस ने सख्ती दिखाकर माहौल शांत कराया। एहतियातन पुराने शहर में फोर्स तैनात कर दी गई है। पीएसी, आरएएफ के साथ मंडल के चारों जिलों से पुलिस बल बुला लिया गया है। इधर, हत्या के चंद घंटे बाद आरोपी को एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने लाइसेंसी पिस्टल से हत्या करना स्वीकारा है। क्वार्सी के चंदनिया निवासी सुरेश चंद्र सैनी का रेलवे रोड के ढपरा रोड पर कचौड़ी बिक्री का मशहूर स्टॉल लगता है। सुरेश ने इसी इलाके के मोहल्ला सराय बैरागी में एक गोदाम किराये पर ले रखा है, जो माल तैयार करने व बारदाना रखने के प्रयोग में आता है। इसी गली का रहने वाला वसीम उर्फ भीम (28) पुत्र हबीब खान इलाके में छोटी-मोटी रंगदारी वसूली करता था।
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इसे लेकर अकसर उसका स्थानीय दुकानदारों से झगड़ा होता रहता था। आरोप है कि रविवार देर रात सुरेश के स्टॉल पर आकर वसीम ने 200 रुपये रंगदारी में मांगे थे। उस समय वहां मौजूद सुरेश के भाई व कारीगर ने मना कर दिया। वसीम गालीगलौज करने के बाद चला आया। रात में सुरेश, उसके भाई व स्टाफ के लोग सराय बैरागी में सामान रखने आए। इसके बाद ये लोग वहीं शराब पीने लगे। तभी वसीम आ गया और सुरेश के भाई व कारीगर से मारपीट कर दी। बीच बचाव में सुरेश से भी हाथापाई की गई। सोमवार सुबह स्टॉल खुलने के कुछ देर बाद ही वसीम वहां पहुंचा और कहा कि उसके घर कचौड़ी भिजवा देना। इस पर कारीगर ने कहा कि त्योहार की वजह से कोई लड़का नहीं आया है। इस बार भी वसीम गालीगलौज कर चला गया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे सुरेश स्टॉल पर आया, तो कारीगरों ने वसीम की शिकायत की। इसके बाद सुरेश पैदल ही वसीम की गली में पहुंचा और अपने दरवाजे पर खड़े वसीम का हाथ पकड़कर बतियाते हुए गली के बाहर ले आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी बीच वसीम व उसके एक भाई ने सुरेश के साथ मारपीट शुरू कर दी।

उनके हाथ में लोहे का औजार भी था। इसी बीच वसीम ने शोर मचाकर अपने दूसरे भाई को तमंचा लेकर आने को कहा। साथ ही सुरेश के पास मौजूद पिस्टल छीनने की कोशिश की। लेकिन सुरेश ने अपनी अंटी में लगी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर लगातार सभी छह राउंड फायर वसीम और आशु (20) को निशाना बनाकर किए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्याएं कर सुरेश पैदल ही वहां से भाग गया। दिनदहाड़े दो हत्याओं की खबर पर आईजी डॉ. संजीव गुप्ता, डीएम ऋषिकेश भाष्कर याशोद, एसएसपी राजेश पांडेय, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सभी सीओ, इंस्पेक्टर गांधीपार्क सहित शहर भर के सभी एसओ पहुंच गए। इससे पहले गांधीपार्क पुलिस ने लोगों की मदद से दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने जैसे-तैसे उन्हें नियंत्रित किया। घटना के संबंध में मृतकों के ताऊ बब्बू की ओर से सुरेश, उसके भाई सज्जन, कारीगर भोला को नामजद का मुकदमा दर्ज कराया गया है। तहरीर में कहा गया है कि वसीम को घर से बुलाकर लेजाकर हत्या कर दी गई और बचाव में आए आशु को भी गोली मार दी गई। तहरीर में हत्या का कारण नहीं बताया गया है। पुलिस ने सुरेश को गिरफ्तार कर लिया है। देर शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी थी। शाम को पोस्टमार्टम के बाद शमशाद मार्केट पर एंबुलेंस रोककर और नुमाइश मैदान में जबरदस्त हंगामा किया गया। इस दौरान पीएम व सीएम विरोधी नारेबाजी भी की गई और मुआवजा व शवों को शाहजमाल कब्रिस्तान ले जाने की मांग की गई।


यह घटना आपसी झगड़े में हुई है। मृतकों की गली में आरोपी का व्यापार है। मृतक पक्ष की हरकतों से आरोपी परेशान था। इसी विवाद में झगड़ा दो दिन से हो रहा था। इसी झगड़े में आरोपी की पिस्टल छीनने की कोशिश की गई। जिसे बचाते हुए आरोपी ने गोलियां चलाईं। आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है। एहतियातन शहर में फोर्स तैनात है। 
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-राजेश पांडेय, एसएसपी
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