अलीगढ़। इगलास के पूर्व विधायक स्व. मलखान सिंह के भतीजे व रालोद नेता चौ. अनिल सिंह के बहुचर्चित हत्याकांड में एडीजे-विशेष न्यायाधीश संतोष कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय ने दो आरोपियों को उम्रकैद से दंडित किया है। बता दें कि इस हत्याकांड को खुद रालोद नेता के ही ड्राइवर ने अपनी प्रेमिका पत्नी के शौक पूरे करने के लिए साजिश रचकर लूट के इरादे से अंजाम दिया था। इसमें उसने अपने एक साथी की मदद ली थी।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी गवेंद्र सिंह के अनुसार वाकया 6 सितंबर 2014 का है, जब मूलत: गोंडा के गांव मजूपुर निवासी पूर्व विधायक मलखान सिंह के चार भाइयों में सबसे बड़े कासिमपुर पावर हाउस के सेवानिवृत्त इंजीनियर बलवीर सिंह के पावर हाउस में ठेकेदार बेटे अनिल सिंह निवासी शताब्दी नगर क्वार्सी अपने पावर हाउस स्थित ऑफिस अपनी स्कार्पियो से गए थे। दोपहर को जाने के बाद शाम तक उनकी वापसी न होने पर जब उनका फोन मिलाया गया तो फोन भी रिसीव नहीं हुआ। इस पर जब उनके पिता ने किसी परिचित को ऑफिस पर जाकर देखने को कहा तो पता चला कि अनिल की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
हत्या के बाद आरोपी अनिल की स्कार्पियो व पिस्टल आदि भी ले गए थे। इस हत्याकांड में मुकदमे के आधार पर पुलिस ने 16 सितंबर को ड्राइवर अर्जुन सिंह पुत्र धनेंद्र सिंह निवासी बलीपुर खैर व उसके साथी शैलेष सारस्वत निवासी जानौरा खैर को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह कासिमपुर पावर हाउस में अपनी बाइक लेने जा रहे थे। पूछताछ में दोनों ने बताया कि अर्जुन डेढ़ माह पहले ही अनिल के यहां नौकरी पर आया था। अक्सर उनके पास मोटी रकम का लेनदेन देखता था। बस मन में लालच आया और घटना से तीन-चार दिन पहले ही लूट व हत्या की प्लानिंग बनाते हुए शैलेष को शामिल कर लिया।
यह हुआ घटना वाले दिन
घटना वाले दिन अर्जुन पहले से साजिश के तहत छुट्टी पर होने के बाद भी शाम चार बजे शैलेष संग कासिमपुर पहुंचा। जहां उसने पाया कि दफ्तर में अनिल सिंह नहीं हैं। चूंकि पावर हाउस प्लांट में जाते समय नियमत: लाइसेंसी पिस्टल वह दफ्तर में ही छोड़ जाते थे। इसलिए दफ्तर में घुसकर वह छिप गए और पिस्टल कब्जे में कर ली। एक तमंचा पहले से पास में था। उन्हें खबर थी कि आज शाम को 1.70 लाख रुपया आएगा। जैसे ही अनिल दफ्तर में आए। उन्हें गोली मार दी गई। इसके बाद वहां से अंगूठी, पर्स, पिस्टल, गाड़ी कब्जे में की, नकदी के नाम पर मात्र 18 हजार रुपये मिले थे। यह लेकर वह फरार हो गए।
पत्नियों के खर्चों के लिए की हत्या
हत्यारोपियों ने स्वीकारा था कि दोनों अच्छे दोस्त हैं और दोनों ने करीब एक-एक साल पहले लव मैरिज की है, जिसमें अर्जुन ने हाथरस के कुंवरपुर निवासी विवाहित युवती से लव मैरिज की। दोनों को खुश रखने और उनके महंगे खर्चे उठाने के लिए मोटी रकम हासिल करने के इरादे से यह किया। उनकी मंशा थी कि एक बार मोटा हाथ लग जाएगा तो कुछ समय पत्नियों को खुश रख पाएंगे। मगर ऐसा नहीं हुआ।
यह सजा सुनाई अदालत ने
एडीजीसी के अनुसार हत्याकांड में दोनों आरोपियों को हत्या के आरोप में उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये जुर्माना, लूट में अर्जुन को 5 हजार रुपये जुर्माना अतिरिक्त व अन्य आरोपों में दोनों को 8-8 हजार रुपये जुर्माना अतिरिक्त से दंडित किया है।
बीच में उजागर किया साजिश का आरोप
इस हत्याकांड में पुलिस ने सत्र परीक्षण शुरू होने के बाद साजिशकर्ता के रूप में सोनू गौतम निवासी शहरी मदनगढ़ी का नाम भी बढ़ाया था और सोनू गौतम की बन्नादेवी से गिरफ्तारी होने पर उसके खिलाफ वारंट भी दाखिल किया था।