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मोदी की रैली से पहले ट्रेन पलटाने की साजिश विफल

Sat, 04 Feb 2017 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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Turned train before Modi's rally failed plot - फोटो : Amar Ujala
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पीएम नरेंद्र मोदी की रैली से ऐन पहले बृहस्पतिवार रात दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर बड़ी साजिश टल गई। कानपुर-झांसी रेल खंड की तर्ज पर यहां भी आधा दर्जन अज्ञात लोगों ने सोमना-दौरऊ के मध्य डाउन ट्रैक पर चार स्लीपरों के नीचे से पत्थरों की गिट्टी हटाकर ट्रैक के नीचे खोखला कर दिया था।
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गश्ती ट्रैकमैनों और आरपीएफ  की पेट्रोलिंग पार्टी ने इसे देख लिया, वरना बड़ी घटना हो सकती थी। 
पेट्रोलिंग पार्टी के टोकने पर पत्थर निकाल रहे लोग भाग गए। इस खबर से रेलवे और पुलिस-प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। करीब आधा दर्जन प्रमुख ट्रेनों को कॉशन देकर निकाला गया। मामले में सात अज्ञात लोगों के खिलाफ चंडौस में मुकदमा दर्ज किया गया है।
खुफिया एजेंसियां भी हरकत में आ गई हैं। मामले को कानपुर के इंदौर एक्सप्रेस हादसे से जोड़कर देखा जा रहा है। दौरऊ क्रॉसिंग पर तैनात ट्रैक मैन राजपाल और पिंटू की ड्यूटी रात दस बजे से सुबह छह बजे तक दौरऊ-सोमना के मध्य ट्रैक पर गश्त की है।
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 रात करीब 10:48 बजे वह 1350/28-30 के मध्य पहुंचे, तभी चंद कदम दूरी पर खंभा नंबर 26 के पास उन्हें कुछ खटपट की आवाज सुनाई दी। उन्होंने टॉर्च की रोशनी में देखा तो 6-7 लोग उन्हें देख ट्रैक से खेतों की ओर भागे। उनकी पीठ पर पिट्ठू बैग टंगे थे और हाथों में कुछ औजार भी लगे थे। ट्रैक मैनों ने उन्हें टोका पर दहशत की वजह से पीछा नहीं किया। तत्काल उन्होंने इसकी सूचना सोमना के सहायक स्टेशन मास्टर राजकुमार, डायल-100 को दी।
इंस्पेक्टर खुर्जा आरपीएफ धर्मवीर और गभाना पुलिस पहुंच गई। पता चला कि स्लीपर नंबर 21, 22, 23 के मध्य से एक-एक फिट तक पत्थर हटा दिए गए थे। उनके नीचे से पत्थर हटाने की कोशिश जारी थी। 

रीवा, संगम और प्रयागराज हो सकती थीं हादसे का शिकार
 सौमना दौरऊ के मध्य रेलवे ट्रैक के स्लीपरों के नीचे से पत्थर हटाने की घटना में बड़ी साजिश बताई जा रही है। रीवा एक्सप्रेस, संगम एक्सप्रेस और प्रयागराज एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो सकती थी। क्योंकि घटना के ठीक बाद इन्हीं ट्रेनों को अलीगढ़ पहुंचना था और यही ट्रेनें डाउन ट्रैक के रास्ते पर थीं। अब ये जांच में पता चलेगा कि आखिर किस ट्रेन को निशाना बनाया जाना था। इस घटना ने रेल प्रशासन के स्थानीय अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। 


मामले को गंभीरता से लिया गया है। फिलहाल पीडब्ल्यूआई अशोक कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। जांच के आधार पर जो भी तय होगा, उसके बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। - अनिल कुमार, सीओ गभाना
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