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गोहत्या का प्रयास, ग्रामीणों का हंगामा

Mon, 29 Aug 2016 01:26 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो
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गोहत्या का प्रयास, ग्रामीणों का हंगामा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में गो हत्या और गो वंश को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने थाने पर पहुंच कर आरोपियों को पकड़ने की मांग करते हुए हंगामा किया। घटना की जानकारी पर भाजपा नेत्री और भाजपा की जिला मंत्री ने थाने पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली।
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क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर निवासी कालू सिंह पुत्र विजेंद्र पाल सिंह की दो गाय आम के बाग में एक पेड़ से बंधी थीं। शनिवार की सुबह जिसे चोर खोलकर ले गए। गाय स्वामी अपनी गायों की खोजबीन कर रहा था। इसी दौरान पता चला कि सुमेरा रजवाह की पटरी के निकट कुछ लोग उसकी गाय के पैर बांधकर काटने के प्रयास में थे। सूचना मिलते ही गांव के सैकड़ों ग्रामीण बंबा की ओर दौड़ पडे़। लोगों को आता देख गो हत्या करने वाले भाग गए।
घटना स्थल पर चोरी हुई गाय पैर बधे हुए जमीन पर पड़ी थीं। गायों के कुछ पुराने अवषेश एवं खाल और चार बडे़ छुरे बरामद हुए। पुराने मिले अवषेशों को पुलिस ने गड्ढा खुदवाकर दफना दिया। जिसे देख ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया।
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सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण थाने पर पहुंच कर आरोपियों को पकड़ने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। सूचना पर भाजपा की जिला मंत्री आशा सिंह अपने साथियोें के साथ थाने पहुंच गई। हंगामा कर रहे लोगों को समझाया और एसओ डॉ. विनोद कुमार सिंह से आरोपियों के खिलाफ  कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ही मामला शांत हुआ। गाए स्वामी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ  तहरीर दी है।
दूसरी घटना क्षेत्र के गांव सुहावली की है। जहां बीती रात दो साड़ों को गांव के ही दो लोगों ने भाले और फरसा से घायल कर मौत की घाट उतार बहते हुए बंबे में डाल कर सबूत मिटाने का प्रयास किया। जिसकी भनक किसी प्रकार ग्रामीणों को लग गई। सैकड़ों ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे, जहां ग्रामीणों को आता देख मरे हुए साड़ों को बंबे की पटरी पर छोड़ करा दोनों आरोपी भाग निकले। उक्त घटना से गांव के लोगों में आक्रोश फैल गया और हंगामा करते हुए पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मरे हुए साड़ों को जेसीबी मशीन द्वारा दफना दिया। ग्रामीणों से तहरीर मांगी तो ग्रामीणों ने गांव में पंचायत कर सामाजिक दंड देने की बात कहते हुए पुलिस से कानूनी कार्रवाई करने से मना कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों आरोपियों 21 दिनों तक गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा। और साड़ मारने के लिए आसपास के 11 गांवों में भीख  मांग कर अपना  करना पड़ेगा।
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