हरदुआगंज /अलीगढ़। हत्या के मुकदमे की तारीख पर अलीगढ़ आए स्कार्पियो सवार एक परिवार के करीब छह लोगों को ट्रक ने बृहस्पतिवार की सुबह रामघाट रोड पर बुरी तरह रौंद दिया। इस दुर्घटना में स्कार्पियो सवार साले-बहनोई सहित तीन लोगों की मौत हो गई। तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी मिलने पर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया।
हरदुआगंज के गांव कोंडरा के लखपत सिंह (40) पुत्र नवल सिंह चार भाइयों में बड़े थे। उनका तालानगरी में ढाबा व ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय है। चारों भाई साथ में व्यापार करते हैं। 18 अप्रैल की शाम तालानगरी के सरिया मिल स्वामी राजेश निवासी कोंडरा की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का आरोप लखपत, उनके भाइयों अजय चौधरी, हरिओम, मेघराज व रिश्तेदार यतेंद्र पर लगा था। इस मुकदमे में लखपत व अजय चौधरी एक सप्ताह पूर्व ही जेल से छूटे थे। बृहस्पतिवार को इस मुकदमे की दीवानी न्यायालय में तारीख थी। जिसके लिए लखपत, अजय चौधरी, इनके बहनोई बहादुर सिंह (42) निवासी घुसराना डिबाई बुलंदशहर, लखपत के ममिया ससुर पप्पू (40) निवासी भूर्रका थाना बल्देव मथुरा, लखपत के मामा महेंद्र निवासी एदलपुर सादाबाद हाथरस, लखपत के साला सुभाष निवासी दरी, नगला राया मथुरा स्कार्पियो से निकले थे।
गाड़ी जैसे ही तालसपुर से पहले गेस्ट हाउस के सामने पहुंची, शहर की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने रांग साइड आकर स्कार्पियो में जोरदार टक्कर मार दी। ट्रक और स्कार्पियो के बीच इतनी जबरदस्त टक्कर हुई कि गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना में लखपत, ममिया ससुर पप्पू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बाकी लोग जख्मी हो गए। आनन-फानन में उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जहां बहनोई बहादुर ने भी दम तोड़ दिया।
हादसे की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी, सीओ तृतीय, एसओ क्वार्सी मौके पर पहुंच गए। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग गया। ट्रक मालिक टूंडला फीरोजाबाद का रहने वाला है। प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इधर, शाम को पोस्टमार्टम का समय निकलने पर डॉक्टराें ने जब हाथ खड़े कर दिए तो इसमें हस्तक्षेप करते हुए रालोद विधायक ठा. दलवीर सिंह व युवा मंडल अध्यक्ष ठा. राकेश सिंह ने डीएम से बात की, जिसके बाद तत्काल पोस्टमार्टम कराया गया।
एसओ क्वार्सी का कहना है कि मृतक के परिजनाें ने एक्सीडेंट की तहरीर दी है। इसके बावजूद हादसे को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मगर पुलिस आरोप-प्रत्यारोप नहीं, वास्तविकता के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी। फिलहाल ट्रक मालिक से संपर्क किया जा रहा है।
परिवार की महिलाओं का बुरा हालदुर्घटना में मृत लखपत घर में सबसे बड़ा था। उसकी पत्नी ऊषा का रो-रो कर बुरा हाल है। इसके अलावा लखपत के बहनोई की मौत पर बहन आदि रिश्तेदारों की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं। लखपत अपने पीछे दो बेटे व दो बेटी छोड़कर गया।