यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार भी स्थानीय प्रशासन के सामने अतरौलिया बोर्ड से निपटने की चुनौती होगी। इस बार भी अतरौली तहसील में ही सबसे ज्यादा 128 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने यही समस्या होगी कि आखिर वहां नकलविहीन परीक्षा कैसे कराई जाए। इधर, डीआईओएस ऑफिस से परीक्षा के लिए कक्ष निरीक्षक नियुक्त करने प्रक्रिया भी शुरू होे गई।
यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी जोरों पर हैं। प्रवेश पत्र विद्यालयों में भिजवा दिए गए हैं और इनका वितरण शुरू हो जाएगा। पूरे जिले में 284 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें से अकेले अतरौली तहसील में 128 परीक्षा केंद्र हैं। यह क्षेत्र नकल के लिए कुख्यात है और यहां काफी परीक्षा केंद्रों में हर साल परीक्षार्थियों को बोर्ड परीक्षा में नक ल कराकर पास कराने के ठेके उठते हैं। इस बार भी प्रशासन के सामने नकलविहीन परीक्षा कराना मुख्य चुनौती होगी।
वैसे प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा विभाग इसके लिए प्रयास भी कर रहा है। वहीं परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। वहीं, परीक्षाकेंद्रों बनाए गए विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों को कक्ष निरीक्षक बनाने के लिए उनसे फोटो युक्त परिचय पत्र प्रधानाचार्य से प्रमाणित कराकर डीआईओएस ऑफिस में जमा कराने को कहा गया है। डीआईओएस राजू राना ने कहा है कि किसी भी सूरत में परीक्षा में नकल नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सारे इंतजाम किए जा रहे हैं।