मालखाने से माल गायब होने की दरोगा की करतूत पर अदालत ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया। अदालत ने जब दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया तो दो साल पुराने मुकदमे में मुकदमा लिखने के दूसरे ही दिन रिवाल्वर एटा से चलकर अदालत पहुंच गई और पीड़ित को वापस कर दी गई। हालांकि अब पुलिस कहती फिर रही है कि रिवाल्वर मालखाने में ही थी। कहीं गई नहीं थी। तलाशने पर मिल नहीं पा रही थी।
वाकया इस तरह है कि मडराक के आसना क्षेत्र में 2015 में एक समारोह में हर्ष फायरिंग के दौरान एक युवक सिर से गोली छूकर जाने पर जख्मी हुआ था। इस घटना के दौरान भगदड़ मचने पर रिवाल्वर स्वामी मौके पर लाइसेंसी रिवाल्वर छोड़कर भाग गया था।
उस समय घायल पक्ष की ओर से धारा 308 का मुकदमा दर्ज कराया गया और मौके से तत्कालीन विवेचक रनवीर सिंह ने रिवाल्वर बरामद करते हुए खुद की ओर से रिवाल्वर स्वामी पर आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया। पुलिस सूत्रों की मानें तो उन्होंने बरामद रिवाल्वर लिखा पढ़ी में मालखाने में दाखिल तो कर दी, मगर जमा करने के बजाय खुद ही अंटी में लगाए घूमते रहे।
इधर, रिवाल्वर स्वामी मुकदमे में गिरफ्तारी के बाद जब जमानत पर छूटकर आया तो उसने रिवाल्वर वापसी के लिए सीजेएम न्यायालय में याचिका दायर की। सीजेएम न्यायालय ने थाने से रिपोर्ट तलब की। तब तक पूर्व विवेचक रनवीर सिंह का एटा तबादला हो गया। उनके स्थान पर हेमप्रकाश गौतम नए विवेचक बन गए। उन्होंने और हेड मुहर्रिर ने यह रिपोर्ट भेज दी कि रिवाल्वर मालखाने में तो है, मगर माल मुकदमाती होने के कारण उसे वापस नहीं किया जा सकता।
इस आधार पर अदालत ने पीड़ित की अपील खारिज कर दी। इसके बाद अब आकर मुकदमा सत्र न्यायालय में पहुंचा और पीड़ित ने सीजेएम न्यायालय के अपील खारिज संबंधी आदेश के खिलाफ रिवीजन दायर किया, जिसकी सुनवाई एडीजे-प्रथम के न्यायालय में हुई। अदालत ने फिर से थाने से रिपोर्ट मांगी तो इस बार विवेचक कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने यह बात कही कि पूर्व विवेचक ने रिवाल्वर जमा नहीं की है।
इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और पूर्व विवेचक पर मुकदमा दर्ज न करने पर नाराजगी जताई और उसकी गिरफ्तारी के आदेश दिए। कोर्ट के रुख पर तीन दिन पहले मडराक थाने में पूर्व विवेचक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और पूर्व विवेचक को एटा से रिवाल्वर सहित बुलाकर रिवाल्वर मंगलवार को वापस कराई गई। तब जाकर मसला मैनेज किया गया।
इधर, मडराक में दर्ज मुकदमे की विवेचना गोंडा एसओ को दी गई है।