महानगर के सुरेंद्र नगर स्थित सिंघल धर्म कांटे वाली गली में शाम को एसओजी की दबिश में पकड़ा गया चरस-गांजा तस्कर मुनेंद्र यादव महिलाओं ने पुलिस से भिड़कर छुड़ा लिया। मुनेंद्र के घर पर दबिश के दौरान महिलाएं पुलिस टीम से भिड़ गईं, गालीगलौज करने के बाद हाथापाई कर दी। जिससे मौके का फायदा उठाकर वह भाग गया।
पुलिस ने काफी देर तक आसपास के घरों और गलियों में उसको तलाशा, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। इसी दौरान मुनेंद्र का बड़ा भाई घर से गायब हो गया। उसको काफी तलाशा, लेकिन वह नहीं मिला। खबर पर क्वार्सी पुलिस व सीओ भी पहुंच गए और वहां से बरामद माल थाने ले जाया गया।
उसके घर की तलाशी में बड़ी मात्रा में कई बोरों में रखा गांजा, चरस, रेपर, पुड़िया आदि बरामद र्हुइं है। सारा सामान पुलिस क्वार्सी थाने ले आई है, जहां उसका वजन करने के बाद मूल्य तय होगा। प्रथम दृष्टया माल की कीमत हजारों रुपये में आंकी गई है। पुलिस टीम ने इस मामले में सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस टीम से हाथापाई करने वाली अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बताया गया है कि बेगम बाग सहित आधे शहर में चरस गांजे की सप्लाई करने वाला मुनेंद्र फिलहाल पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बना है। मुनेंद्र ने लगभग 15 दिन पहले ही एक शिकायतकर्ता को गोली मारी थी। इस हमले में वह बच गया था, जिसमें उसके खिलाफ धारा 307 के तहत जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज है। पुलिस की मानें तो मुनेंद्र के परिवार में चरस गांजे की तस्करी करने, सप्लाई करने का काम बहुत पुराना है। वह कई दिन से पुलिस की पकड़ से दूर है।
इस शिकायतकर्ता ने मुनेंद्र की कारगुजारियों की खबर पुलिस को दी थी, जिसके बाद मुनेंद्र उससे दुश्मनी मनाने लगा था। गुरुवार को हुई दबिश में भी पुलिस के एक खास सूत्र ने ही उसके घर में होने की सटीक सूचना दी थी। जिसके बाद एसओजी के दो सिपाहियों ने उसको घर से धर दबोचा था। लेकिन महिलाओं के विरोध और हाथापाई में वह पुलिस की पकड़ से भाग गया। जिससे पुलिस फिर से टेंशन में आ गई है। सीओ तृतीय संजीव दीक्षित के अनुसार पुलिस टीम से छुड़ाने का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। बरामद माल का वजन आदि कराकर उसे भी मुकदमे में शामिल किया जा रहा है।