गांधी पार्क बस अड्डे के पास बने एक होटल से कथित तौर पर एक सिपाही की सरकारी पिस्टल चोरी होने की चर्चा है। चर्चा है कि सिपाही रात को अपनी किसी महिला मित्र के साथ होटल में आया था। यहां कमरे में उसकी आंख लग गई। इधर, महिला उसकी सरकारी पिस्टल लेकर फरार हो गई। आंख खुलने पर सिपाही ने पिस्टल नहीं मिलने पर लैपर्ड पर तैनात अपने कुछ साथी पुलिसकर्मियों को बुला लिया। लैपर्ड कर्मियों ने देर रात कर महिला की तलाश की और दुकानदारों से पूछताछ करने में लगे रहे। गांधी पार्क और बन्नादेवी इंस्पेक्टर के अनुसार किसी भी सिपाही ने पिस्टल चोरी होने के संबंध में कोई सूचना नहीं दी है।
गांधी पार्क बस अड्डे के पास दुकान लगाने वाले दुकानदारों की मानें तो सिपाही अपनी महिला मित्र के साथ होटल में घुसा था। रात करीब सवा दो बजे वह नीचे उतरकर आया और एक युवती के संबंध में पूछताछ करने लगा। इसी बीच दो सिपाही एक लैपर्ड पर सवार होकर आ गए। उन्होंने भी काफी देर तक पूछताछ की। जानकारी लेने पर बताया कि वह सरकारी पिस्टल चोरी करके ले गई है।सिपाही के संबंध में चर्चा है कि वह शहर के किसी थाने में तैनात है।
बुधवार शाम को इस बारे में जब खबर फैली तो बन्नादेवी और गांधी पार्क पुलिस भी बस अड्डे के आसपास के दुकानदारों से पूछताछ करने पहुंची। बताया जा रहा है कि सिपाही ने नौकरी जाने के डर से पिस्टल चोरी की सूचना थाना पुलिस को नहीं दी। वह महिला से फोन पर संपर्क कर उसे लोभ-प्रलोभन देकर पिस्टल देने के लिए मना रहा है। इंस्पेक्टर गांधीपार्क धीरेंद्र शर्मा व इंस्पेक्टर बन्नादेवी अरुणा राय ने ऐसी किसी भी जानकारी से इंकार किया है।