पीएसी 38वीं वाहिनी में प्रशिक्षण पा रहे बागपत के रिक्रूट सिपाही की मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। तीन सदस्यीय पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम किया। मौत का कारण साफ न होने पर विसरा संरक्षित कर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया गया है। इधर, परिवार वाले शव लेकर बागपत के लिए रवाना हो गए। परिवार में इकलौते बेटे की मौत से कोहराम मचा हुआ है।
बता दें कि पीएसी 38वीं वाहिनी में प्रशिक्षण पा रहे बागपत के रिक्रूट सिपाही की शनिवार सुबह-सुबह परेड मैदान पर चक्कर खाकर गिरने से मौत हो गई थी। हालांकि पीएसीकर्मी आनन-फानन उसे जेएन मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे। मगर उसे बचाया नहीं जा सका। इधर, देर शाम बागपत से आए परिवार ने अनुशासनहीनता में दंड में अधिक दौड़ लगवाने और उससे मौत होने का आरोप लगा दिया।
हालांकि पुलिस जांच में देर रात तक इस तरह के किसी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं मीडिया के सामने भी परिवार वाले बात करने से कतराते रहे। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होगा। इधर, शव को कोविड-19 की जांच के चलते देर रात तक पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा गया था।
क्वार्सी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से बागपत के सिंहावली अहीर निवासी रमेश यादव का 22 वर्षीय बेटा विशाल विजय यादव पीएसी में बतौर कांस्टेबल भरती हुआ था। 6 माह से उसकी ट्रेनिंग यहां रामघाट रोड 38वीं वाहिनी में चल रही है। वह टोली नंबर 10 में शामिल था। बताया गया है कि वाकये के अनुसार शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे करीब परेड मैदान पर ट्रेनिंग के दौरान अचानक उसे चक्कर आए।
उसने अपने ट्रेनिंग उस्ताद को चक्कर आने की जानकारी दी तो उस्ताद ने उसे बैठने के लिए बोला, मगर बैठते-बैठते वह जमीन पर गिर गया। इस पर आनन-फानन उसे पहले क्वार्सी के ट्रामा सेंटर और वहां से मेडिकल कालेज ले जाया गया। जहां कुछ देर में ही उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद शव के पोस्टमार्टम व एहतियातन कोविड जांच की तैयारी हुई।
इधर, देर रात उसके पिता व बहनोई सहित कुछ अन्य परिजन यहां पहुंच गए थे। पुलिस के अनुसार परिवार ने यह आरोप लगाया कि बच्चे ने कोई अनुशासनहीनता कर दी थी, जिस पर उसे बतौर दंड अधिक दौड़ लगवा दी और जिससे उसकी मौत हो गई। मगर जब मीडिया ने मेडिकल कॉलेज में परिवार से इस सवाल पर बात करनी चाही तो वह चुप्पी साध गए।
इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल के अनुसार परिवार वालों ने जब दंड दिए जाने का आरोप लगाया तो हमारे स्तर से जांच की गई जिसमें साथी रिक्रूटों से बात की गई। मगर वहां इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है। यही पता चला है कि अचानक चक्कर आने से वह गिर पड़ा।