गंगीरी पुलिस का एक अजूबा कारनामा सामने आया है। इसने एक ऐेसे व्यक्ति के खिलाफ हड्डी तोड़ने का मुकदमा दर्ज कर लिया जिसकी मौत कई साल पहले हो चुकी है। इसका एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि इसको लेकर पहले एनसीआर दर्ज हुई।
फिर मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एनसीआर को मुकदमे में तब्दील कर दिया गया। इस दौरान पुलिस को भनक तक नहीं लगी कि नामजद आरोपी मर चुका है।
गांव कसेरी गंगीरी में 26 जनवरी को खेत के विवाद में विनोद व सतीश पक्ष में झगड़ा हो गया था। जिसमें विनोद के भाई प्रमोद को गहरी चोट आई थी। इसको लेकर प्रमोद और विनोद की तहरीर पर पुलिस ने 30 जनवरी को सतीश के दो बेटों विनोद व बाबूजी तथा सतीश के मृत पिता ओमप्रकाश के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर ली थी। इस दौरान डॉक्टरी जांच कराने के तहत एक्सरे में हाथ की हड्डी टूटने की बात कही गई। जिसके आधार पर पुलिस ने एनसीआर को तब्दील कर हड्डी टूटने का मुकदमा दर्ज कर लिया।
कमाल की बात यह रही कि पुलिस जांच में आरोपी ओमप्रकाश की मौत की बात सामने नहीं आई। उसकी मौत करीब चार साल पहले ही हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस ओर पुलिस का ध्यान दिलाने पर कहा किया गया कि सतीश को आरोपी बनाया जाना था। भूलवश ओमप्रकाश का नाम दर्ज हो गया। इसके बावजूद अब तक ओमप्रकाश को मुकदमे से बरी नहीं किया गया है। ऐसे में लोग तंज कर रहे हैं कि क्या पुलिस ओमप्रकाश को तलाशने स्वर्ग जाएगी।