अतिसंवेदनशील महानगर के देहली गेट इलाके में बृहस्पतिवार रात जो कुछ हुआ। वह किसी साजिश से कम नहीं। मामूली कहासुनी तो बहाना बनी। असल में झगड़े की वजह तलाशी जा रही थी। तभी तो 2006 के बाद कुछ ही देर में जो हालात बने वह वाकई पैरों-तले जमीन खिसका देने वाले थे।
ऊपर से पुलिस की देरी बड़ा कारण बन गई। स्थिति यह थी जब खटीकान चौराहे से अंदर उपद्रव चल रहा था तो एकबारगी एसपी सिटी की अगुवाई में गई पुलिस टीम बाहर को दौड़ आई। एडीएम सिटी अकेले अंदर फंसे रह गए।
पीएसी चौराहे से अंदर जाने को हिल भी नहीं रही थी। चूंकि अंदर से जिस अंदाज में फायरिंग हो रही थी, वह किसी बड़ी साजिश और तैयारी से कम न थी। बाद में डीआईजी और एसएसपी के आने पर ही उपद्रवियों को बमुश्किल खदेड़ा जा सका।