महानगर के क्वार्सी इलाके में कयामपुर स्थित एक प्लॉट के विवाद में कुछ लोगों ने पूर्व सीएम सीबी गुप्ता के एक वंशज निजी बस ऑपरेटर को पीट-पीट कर मार डाला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी वहां पहुंच गई। हत्या की रिपोर्ट आधा दर्जन लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और नामजदों की तलाश में दबिशें दे रही हैं। वैसे पुलिस ने यह अंदेशा जताया है कि यह मौत विवाद में धक्का-मुक्की के दौरान हार्ट अटैक से हुई है।
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री सीबी गुप्ता मूल रूप से अतरौली के गांव बिजौली के रहने वाले थे। उनके कुछ वंशज यहां शहर के विष्णुपुरी इलाके में बस गए हैं। इन्होंने यहां एक चार पहिया गाड़ियोें का वर्कशाप भी खोल रखा है। इन लोगों का यहां कयामपुर के निकट एक प्लॉट पर कब्जे को लेकर कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। वर्कशॉप संचालक जीतेश पुत्र कैलाश चंद्र गुप्ता निवासी न्यू विष्णुपुरी की मानें तो यह प्लाट उनके बहनोई प्रवीण सिंघल के नाम से 516 गज का प्लाट है।
प्रवीन नोएडा में किसी स्कूल में शिक्षक हैं। इसके चलते कुछ भूमाफिया उस प्लाट के फर्जी दस्तावेज बनाकर खुद कब्जा करना चाहते हैं। इस मामले में थाना क्वार्सी में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए जीतेश ने कहा है कि उसके निजी बस ऑपरेटर चाचा अंजय गुप्ता (45 वर्ष) पुत्र जंगवीर प्रसाद गुप्ता, उसका एक दोस्त दोस्त आकाश दीक्षित आदि उसके बहनोई प्रवीन सिंघल के कयामपुर स्थित प्लॉट की बाउंड्रीबॉल करा रहे थे तो शनिवार को सुबह 10 बजे नामजद प्लॉट पर आए और काम बंद करने के साथ-साथ धमकी देकर चले गए।
रिपोर्ट के मुताबिक फिर दोपहर साढ़े 12 बजे नामजद वहां आ गए और इन लोगों ने अंजय गुप्ता के साथ मारपीट कर जानलेवा हमला कर दिया और उसकी छाती पर लात-घूंसे मारे। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। नामजद इस दौरान वहां से भाग गए। अंजय को गंभीर हालत में उपचार के लिए निकट के वरुण ट्रामा सेंटर अस्पताल में लाया गया तो वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई।
हत्या की रिपोर्ट दिनेश निवासी कासिमपुर, चंद्रपाल, सत्यप्रकाश, भूपेंद्र, राकेश यादव, शिवचरन वार्ष्णेय के खिलाफ दर्ज कराई गई है। इस सिलसिले में थाना क्वार्सी प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव का कहना है कि भूखंड को लेकर दोनों पक्ष उनसे मिले थे और अपने-अपने कागजात उनके समक्ष प्रस्तुत किए थे, लेकिन उन्होंने यह कहा था कि वह इस मामले में तहसील जाएं और वहां से संबंधित लेखपाल आदि की रिपोर्ट लेकर आएं। उसके बाद उन्हें झगड़े की सूचना मिली। हत्या की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली गई है, लेकिन यह अंदेशा है कि अंजय की मौत हार्ट अटैक से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और स्थिति स्पष्ट होगी।