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जमकर उपद्रव.. घंटों दहशत में अमीरनिशा

Fri, 19 Aug 2016 01:14 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो
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जमकर उपद्रव.. घंटों दहशत में अमीरनिशा - फोटो : महीपाल ‌सिंह
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महानगर के केला नगर चौराहे के पास सपा जिला उपाध्यक्ष सगीर खान के भतीजे की हत्या की मूल वजह अभी तक स्पष्ट नहीं। मगर जैसे ही एएमयू के छात्र गुटों से ताल्लुक रखने वाले अपराधी समीर चौधरी ककराला बदायूं पर हत्या का आरोप आया है, उसके बाद से हत्या के मूल में एएमयू छात्रों के बीच की गुटबाजी और कॉलरबाजी में हत्या की चर्चा ने जोर पकड़ लिया। इसी चर्चा के चलते हत्या के बाद अचानक एक गुट इस कदर उग्र हो गया कि पूरा इलाक एक घंटे तक बलवाइयों के कब्जे में रहा। खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन करते हुए जो भी सामने आया उसी को पीटा गया। इसके चलते शाम के वक्त महिलाओं व युवतियों से गुलजार रहने वाले बाजार में दहशत, चीखपुकार व भगदड़ का माहौल बन गया था। पुलिस ने बमुश्किल चारों तरफ से अमीर निशा को घेरकर हालात काबू किए। वहीं केला नगर पर लोगों को समझाकर शांत किया। मगर देर रात तक केला नगर पर भीड़ जमा थी। पुलिस लोगों को बार-बार समझाकर गली के अंदर भेज रही थी।  स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में पांच एसओ और पीएसी तैनात करनी पड़ी।
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मौत की खबर पर बिगड़ी पब्लिक
घटनाक्रम के अनुसार आदिल के घर के ठीक सामने बने सेंट्रल अपार्टमेंट में अतरौली के बसपा प्रत्याशी इलियास चौधरी का करीबी फहीम रहता है। उसकी आदिल से दोस्ती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस वक्त बाइकों पर हमलावर आए तो उनमें आते ही कुछ कहासुनी व मारपीट हुई। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, तब तक तो चाकूबाजी हो गई। हमले के बाद आनन-फानन कुछ लोग बाइकों पर दोनों घायलों को लेकर भागे, जबकि कुछ ने एक संदिग्ध आरोपी को दबोच लिया। पहली चाकूबाजी की खबर पर जब लैपर्ड पहुंची और संदिग्ध आरोपी को लेकर चलने लगी। तभी यह खबर आ गई कि आदिल की मौत हो गई है। इस पर पब्लिक बिगड़ गई और लैपर्ड को घेरकर पीटते हुए आरोपी को खींचने की कोशिश की। मगर लैपर्ड किसी तरह उसे बचाकर सिविल लाइंस थाने ले गई। इसके बाद पब्लिक ने पहले केला नगर पर फिर दोदपुर पहुंचकर जाम लगाया और खुलेआम हाथों में लाइसेंसी व गैर लाइसेंसी हथियारों के अलावा तलवारें तक लेकर लहराने लगे। राहगीरों से बदसलूकी व वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
एसपी ट्रैफिक को फायरिंग कर बचाने की चर्चा
हालांकि इस बात को एसपी ट्रैफिक एनपी सिंह ने सिरे से नकारा है। मगर बताया गया है कि जिस वक्त अमीर निशा में फायरिंग, दुकानें लूटने की खबर वायरलेस पर फैली तो एसपी सिटी देहली गेट थाना क्षेत्र में थे। एसपी ट्रैफिक सिविल लाइंस इलाके में ही घूम रहे थे। इसलिए वह सबसे पहले अमीर निशा अपने दो सुरक्षाकर्मियों संग पहुंच गए। उन्होंने स्वीकारा कि उत्पाती बाजार बंद करा रहे थे। हाथों में हथियार लहराते हुए फायरिंग कर रहे थे। तोड़फोड़ व लूटपाट तक की। जब उन्होंने विरोध किया तो उन पर पथराव कर दिया। बमुश्किल उनके सुरक्षाकर्मियों की मदद से उन्हें निकाला गया। मगर चर्चा है कि जब एसपी ट्रैफिक को घेर लिया गया तो उनके सुरक्षाकर्मी ने सरकारी असलहे से फायर भी किए। मगर एसपी यातायात ने पथराव में जख्मी होने व बचकर निकलने की बात स्वीकारी है। बाद में पुलिस बल पहुंच गया था।
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थाना फूंकने के लिए भी दौड़े थे बलवाई
केला नगर चौराहे पर उपद्रव कर रहे लोग कहते जा रहे थे कि थाने में आग लगानी है। कुछ युवकों के हाथों पेट्रोल की बोतले भी थीं। मगर थाने में मौजूद स्टाफ अलर्ट हो गया और खुद इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमीर निशा से दौड़कर पैदल थाने पहुंच गए और काफी संख्या में पुलिस बल थाने के बाहर खड़ा कर लिया। इसी खबर पर खुद एसएसपी लव कुमार भी थाने आ गए और जैसे-तैसे लोगों को शांत किया।
विधायक ने पहुंचकर लोगों को शांत किया
हत्या की खबर मिलते ही कोल विधायक जमीरउल्लाह सबसे पहले मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां से मामले की जानकारी कर केला नगर चौराहे पर आए, जहां पुलिस अधिकारियों से वार्ता करते हुए नारेबाजी हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया। उन्होंने पुलिस से भी कहा कि इस आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की जाए।
आरोपियों के साक्ष्य दिए..एएमयू हॉलों में तलाशी की मांग
हंगामा कर रहे युवकों ने एसपी सिटी को हमलावरों की बाइक के नंबर, मोबाइल नंबर, फोटो देने के साथ-साथ यह भी बताया कि अगर तत्काल एएमयू के कुछ हॉलों की तलाशी करा ली जाए तो आरोपी मिल जाएगा। इसके बाद एसपी सिटी ने वायरलेस पर बाइक नंबर के आधार पर तत्काल जिले में चेकिंग शुरू कराई और गिरफ्तारी के लिए लोगों को भरोसा दिलाया।
एसएसपी ने समझाए परिजन..विश्वास रखो, हम साथ हैं
हंगामा शांत होने के बाद जब एसएसपी केला नगर चौराहे पर पहुंचे और भीड़ को वहां से हटने का अनुरोध किया तो परिजनों ने मांग रखी कि पहले गिरफ्तारी होगी। तभी पोस्टमार्टम होगा और यह भीड़ हटेगी। इस पर परिजनों को समझाया कि विश्वास रखो। हम आपके साथ हैं। अगर यहां से नहीं हटोगे तो हमारा ध्यान भी बंटा रहेगा। इसके बाद भीड़ चौराहे से हटकर केला नगर की गली में अंदर देर रात तक जमा रही।
एसओजी टीम खोज में जुटी, देर रात मुकदमे की तैयारी
देर रात परिवार की ओर से तहरीर सिविल लाइंस थाने में दी जा रही थी, जिसमें समीर चौधरी सहित तीन-चार आरोपी नामजद किए गए थे। इस आधार पर एसओजी टीम भी सक्रिय हो गई थी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे थे। शव का रात में ही पोस्टमार्टम कराने की कवायद भी पुलिस स्तर से शुरू हो गई थी।
पांच एसओ और पीएसी की गई तैनात
इस घटना व बवाल के बाद एसओ क्वार्सी व इंस्पेक्टर सिविल लाइंस और सीओ तृतीय तो घटनाक्रम पर काम में जुटे थे। जबकि केला नगर, दोदपुर, अमीर निशा में पांच एसओ व पीएसी की तैनाती कर दी गई थी। वहीं सीओ प्रथम को भी इसी इलाके में निगरानी के लिए लगाया गया था।
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