दिल्ली के बिल्डर रिजवान की हत्या की इस सुनियोजित वारदात को अंजाम देने में घना कोहरा हत्यारों के लिए मददगार बना। यूं तो कार में लगी आग दूर से ही नजर आ जाती। आग देखकर महज 500 मीटर पर मौजूद गांव के लोग मौके पर पहुंच जाते लेकिन घने कोहरे के चलते रात में कार व शव जलकर राख हो गया और किसी को कुछ नजर नहीं आया। सुबह पूरी तरह जल चुका शव और कार बरामद हो सकी। पनैठी पुलिस चौकी से महज सवा किलोमीटर की दूरी पर रिजवान की हत्या करने के बाद शव को कार समेत जला दिया गया, ताकि हत्या के साक्ष्य मिटाए जा सकें।
कार का रुख साधु आश्रम की ओर था। इससे साफ है कि कार पनैठी-गंगीरी मार्ग से साधु आश्रम की ओर आ रही होगी। मौका ए वारदात पर कार सड़क पर तिरछी खड़ी थी। पुलिस के अनुसार मौके के हालातों से स्पष्ट है कि कार को तीस मीटर पहले दूसरी साइड में रोका गया था। बाद में उसे तिरछा आगे बढ़ाकर बायीं ओर खड़ा किया गया। कार का अगला हिस्सा कच्चे में और पिछला हिस्सा पक्की सड़क पर था।
एक और खास बात यह है कि रात 11 बजे से तड़के चार बजे तक इस रास्ते पर आवागमन लगभग बंद सा रहता है। यहां तक कि हरदुआगंज पुलिस की गश्त भी रात 11 बजे के बाद इस रास्ते से हटा ली जाती है। हत्यारों को शायद यह सब पता था, इसीलिए उन्होंने इस सुनसान रास्ते को चुना। वारदात को अंजाम देकर आसानी से भाग निकले।
पुलिस गश्त को लेकर उठे सवाल
इस सुनियोजित हत्याकांड ने पुलिस की गश्त पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रात में बीच सड़क कार के अंदर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। कार समेत उसको जला दिया गया। पुलिस को पूरी रात इस वारदात की भनक तक नहीं लगी। सुबह छह बजे स्थानीय युवाओं ने पुलिस को सूचना दी। चौकी प्रभारी आदित्य शंकर तिवारी के अनुसार कांस्टेबिल विनोद एवं होमगार्ड राजेश के साथ रात 11 बजे तक पनैठी-साधु आश्रम रोड पर गश्त करने के बाद वह मुख्य मार्ग पर चले गए थे। चौकी प्रभारी एवं एसओ हरदुआगंज विनोद कुमार सिंह के अनुसार थाने में फोर्स कम है। इस मार्ग पर रात 11 बजे से तड़के चार बजे तक आवागमन बंद रहता है, इसलिए थाने और चौकी की गश्त रात में दूसरे रास्तों पर बढ़ा दी जाती है। एसओ के अनुसार पनेठी-साधु आश्रम रोड पर यूपी 100 गाड़ी के दो प्वाइंट माछुआ झाल और खानआलमपुर में हैं। यहां पर समय-समय पर यूपी 100 की दोनों गाड़ियां रात में खड़ी होती हैं, लेकिन यह गाड़ियां भी गश्त करते हुए पूरी रात में एक बार भी मौका ए वारदात तक नहीं पहुंचीं। एसओ हरदुआगंज के अनुसार मौका ए वारदात से पनैठी पुलिस चौकी की दूरी करीब सवा किलोमीटर है जबकि पनैठी बस्ती 500 मीटर पर ही है। पनैठी-गंगीरी मार्ग से पनैठी होते हुए ही साधू आश्रम की ओर रास्ता निकला है। पनैठी अकराबाद थाने की चौकी है। पनैठी पुलिस को गांव से 500 मीटर दूर तक तो गश्त करना ही चाहिए।
दूसरी बीवी पर हत्या की जताई आशंका
कार मालिक रिजवान की पहली पत्नी नाजरीन, छोटा भाई रेहान समेत करीब सात-आठ परिजन एवं रिश्तेदार शनिवार देर रात हरदुआगंज थाने पहुंचे। थाने में उन्होंने जली कार की शिनाख्त की। साथ ही बताया कि शुक्रवार को रिजवान घर से निकले थे। शनिवार दोपहर तक घर न पहुंचने पर उन्होंने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पहली पत्नी नाजरीन ने रिजवान की दूसरी पत्नी साजिया परवीन पर हत्या का आरोप मढ़ा है। आरोप लगाया कि दूसरी पत्नी ने ही हत्या कराई है। पत्नी नाजरीन की सूचना पर अलीगढ़ में रहने वाले रिश्तेदार पहले ही हरदुआगंज थाने पहुंच गए थे। इन लोगों ने घटनास्थल की जानकारी ली। एसओ के अनुसार रविवार सुबह परिजनों को मोर्च्युरी में रखा शव दिखाया जाएगा।
जामिया में कर्मचारी हैं रिजवान के पिता
बिल्डर रिजवान के पिता सुल्तान जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में कर्मचारी हैं। रिजवान के पांच भाई व दो बहनें हैं। उसके दस साल की एक बेटी भी है। पुलिस को अंदेशा है कि कहीं दूसरी पत्नी से चल रहे विवाद में हत्या तो नहीं हुई। हालांकि पुलिस अधिकारी अभी इतना ही कह रहे हैं कि जांच व तथ्य सामने आने और परिजनों द्वारा जानकारी दिए जाने पर कुछ साफ हो पाएगा।
ऐसे परिवार तक पहुंची पुलिस
इस मामले में दोपहर तक पुलिस के पास सिर्फ रिजवान का गाड़ी नंबर था, जिस पर रिजवान नाम से पंजीयन नोएडा के सेक्टर 39 के पते से था। इस पर अलीगढ़ पुलिस ने नोएडा पुलिस से संपर्क किया। नोएडा पुलिस ने रिजवान का ओखला स्थित पता ढूंढ़ निकाला। नोएडा पुलिस के माध्यम से अलीगढ़ पुलिस ओखला के इंस्पेक्टर के संपर्क में आई। तब अलीगढ़ पुलिस की बातचीत उसकी पत्नी नाजरीन से हुई। इसके बाद अलीगढ़ में रहने वाले रिजवान के कुछ रिश्तेदार हरदुआगंज थाने पहुंचे।
वारदात की कुछ अहम बातें
कार की अगली सीट से शराब की बोतल, क्वार्टर मिले
कार की पिछली सीट पर जली हुई रस्सी के अवशेष बरामद
चालक सीट एक ओर झुकी, गला घोटने व जबर्दस्ती का शक
कार के दाईं ओर 10 मीटर दूरी पर दो और बाईं ओर एक बोतल मिलीं
बरामद इन तीनोें ही बोतलों से आ रही थी पेट्रोल की दुर्गंध
स्कोडा कंपनी की यह रैपिड मॉडल की यह डीजल कार है
मैगमा फिनकार्प लिमिटेड से इस कार का फाइनेंस कराया है
कार के सभी दरवाजे अनलॉक थे, चालक साइड का गेट का कुछ खुला था
कार की डिक्की में दो सीलिंग फैन, बायीं ओर स्टांप पैड, कुंडे पड़े थे
डीएनए जांच होगी
बरामद हुआ शव बुरी तरह जल चुका है, इसलिए सटीक पहचान के लिए पुलिस डीएनए जांच भी करवाएगी। हत्या के खुलासे के लिए दिल्ली पुलिस की मदद भी ली जा रही है। कार में मिला सामान और खेतों में मिली खाली बोतलों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है।