पश्चिमी यूपी में जरायम के धंधों के लिए कुख्यात गोंडा इलाके के हथियार तस्कर अब एके-47 व इंसास 7.62/25 बोर के कारतूस भी बेचने लगे हैं। बुधवार तड़के चेकिंग के दौरान गोंडा पुलिस ने नयावास नहर पुल से चार हथियार सप्लायरों को गिरफ्तार किया है, जिनसे भारी मात्रा में कारतूस और पिस्टल आदि मिले हैं। सरगना समेत सात तस्कर भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगा दी गई हैं। इस खुलासे पर एसएसपी ने पुलिस टीम को बधाई दी है।
एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह ने बुधवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि नयावास नहर पुल पर मुखबिर की सूचना पर चेकिंग के दौरान चार पिस्टल तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से एक देशी पिस्टल .32 बोर, एक डबल बैरल देशी तमंचा 315 बोर, दो मैगजीन .32 बोर, 25 कारतूस एके-47 रायफल के, तीन कारतूस इंसास 7.62/25 बोर रायफल, सात कारतूस 315 बोर, 18 कारतूस 32 बोर के बरामद हुए।
इन चारों ने बताया कि वह हथियार व कारतूस बेचने का काम करते हैं। योगेश के अनुसार वह अपने परिचित तेजवीर निवासी करील थाना मुरसान हाथरस के साथ मुरैना मध्य प्रदेश जाकर सुरेश नाम के व्यक्ति से हथियार व कारतूस लाता है। अब तक वह तीन बार में कुल 11 पिस्टलें व दो तमंचे ला चुका है। इस बार सुरेश का एक साथी महेश जिसे वह राजस्थान का बता रहा था, उससे एके-47 व इंसास के कारतूस लिए।
उसने स्वीकारा कि एक पिस्टल कपिल को, एक पिस्टल कन्हैया के माध्यम से डालू निवासी जट्टारी को व दो पिस्टल कपिल के माध्यम से लोकेश निवासी सादाबाद हाथरस को व दो पिस्टल सोनू उर्फ काका के माध्यम से हाथरस निवासी प्रवीण को व चार पिस्टल रविन्द्र निवासी मजूपुर गोंडा के माध्यम से पवन निवासी नगला कुंजी को 12 हजार 500 रुपये व 13 हजार 500 रुपये में बेची हैं।
एक पिस्टल गाव के राऊ को भी 12 हजार में बेची है। यह पिस्टल व तमंचे 6 हजार से 9 हजार रुपये तक में सुरेश से खरीद कर लाए जाते हैं और 12 हजार या इससे अधिक रुपये मिलने पर बेचते हैं। सुरेश पिस्टल की खेप हमें रेलवे स्टेशन मुरैना पर देता है।
हमारे अन्य साथी पिस्टल कारतूस बिकवाने में सहयोग करते हैं। एसपी देहात ने बताया कि फरार अभियुक्तों की तलाश जारी है। इस मौके पर सीओ अनिल फौजदार, एसओ गोंडा शंभू तिवारी आदि मौजूद रहे।