फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस की नहीं, कंट्री मेड है रमजानी से मिली कारबाइन

Mon, 11 Dec 2017 01:32 AM IST
अमर उजाला, अलीगढ़
विज्ञापन
रमजानी के पास से मिली कारबाइन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
रमजानी के पास से मिली .9 एमएम बोर कारबाइन कंट्री मेड है। स्थानीय स्तर पर पुलिस हथियारों के जानकारों ने यह पुष्ट की है। जिस तरह के नंबर उस पर अंकित थे, वह पुलिस के नंबर नहीं हैं और उसका हैमर भी पुलिस जैसा नहीं है। अधिकारिक पुष्टि के लिए कारबाइन को आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। जहां उसका बैलेस्टिक परीक्षण भी होगा। हालांकि यह कारबाइन उच्च क्वालिटी की है और इस पर पड़े नंबरों को घिसकर प्रयोग किया जा रहा था। 
विज्ञापन


पुलिस ऑर्मरर व पुलिस एक्सपर्टों ने इस हथियार को पुलिस का होने से नकार दिया है। शुरुआत में चर्चा थी कि कहीं सहारनपुर में 5 जून 2013 को सिपाही राहुल ढाका की हत्या के बाद लूटी गई कारबाइन तो नहीं है या मुकीम काला द्वारा लूटी गई कारबाइन तो नहीं है। एसएसपी राजेश पांडेय के अनुसार यह कारबाइन कंट्री मेड ही है,।

सुशील मूछ गैंग करता था मुखबिरी, तब भागे वहां से 
उत्तराखंड के पश्चिमी यूपी से जुड़े जिलों व पश्चिमी यूपी में लूट व डकैती की वारदातों को अंजाम देकर सनसनी मचाने वाले इस गैंग की मुखबिरी सुशील मूछ गैंग भी करता था। हालांकि इस गैंग ने वहां की पुलिस के पीछे लगने के कारण दिल्ली एनसीआर व आसपास के अलीगढ़, बुलंदशहर जैसे जिलों में शरण लेना शुरू कर दिया था। इसलिए यहां सुशील मूछ गैंग की मुखबिरी न होने के कारण वह बच रहे थे। माना जाता है कि मुकीम काला गैंग के बाद रमजानी व असलम अली गैंग उस इलाके में लूट, डकैती जैसी वारदातों को अंजाम दे रहा था और पुलिस के लिए सिरदर्द था। मगर पुलिस के पास इस गैंग के लिए ज्यादा इनपुट नहीं थे। वहां फिर इस गैंग के खिलाफ सुशील मूछ जैसे अपराधियों से मुखबिरी लेना शुरू किया गया।
विज्ञापन


अचानक आ गए रमजानी की मां-पत्नी, बच्चे
यूपी पुलिस के शूटआउट अभियान के क्रम में शुक्रवार रात अकराबाद के जीटी रोड इलाके में मुठभेड़ में मारे गए कार लूटकर भागते 80 हजार के इनामी अपराधी दुर्दांत लुटेरे रमजानी के शव को पैतृक गांव में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। यहां अंतिम संस्कार के समय रमजानी की मां, पत्नी और बच्चे अचानक प्रकट हुए, मगर छोटा भाई नहीं आया। इस दौरान मंगलौर पुलिस मामले की जानकारी करती रही। दोपहर में शव दफन होने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पुलिस वहां से हटी। शुक्रवार रात अकराबाद के जीटी रोड पर बसे गांव जसरथपुर के पास जिरौली डोर के पूर्व प्रधान जितेंद्रपाल सिंह से कार लूटकर भागते बदमाशों से पुलिस की नानऊ नहर पटरी पर मुठभेड़ हो गई थी। चार गोलियां लगने से रमजानी पुत्र शमीम उर्फ शफीक निवासी मुड़लाना थाना मंगलौर जिला हरिद्वार उत्तराखंड मारा गया था। पुलिस जांच में पता चला कि रमजानी यूपी व उत्तराखंड से 80 हजार रुपये का इनामी था। शनिवार देर रात करीब साढ़े दस बजे उसके परिवार के कुछ सदस्य, बहन व मामा आदि यहां आए और शव को ले गए। यहां आए परिजनों ने इतना बताया था कि उसकी मां, पत्नी व बच्चों का कोई अता-पता नहीं है। एक भाई भी सहारनपुर के किसी मदरसे में रहता है। देर रात परिजन शव यहां से पैतृक गांव ले गए थे। रविवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शव को दफनाया गया। इस दौरान उसकी मां, पत्नी व बच्चे आ गए, जिनके विषय में कल तक परिजन कह रहे थे कि उनका कोई पता नहीं है। एसओ अकराबाद के अनुसार अब उसके फरार तीसरे साथी की तलाश चल रही है। 

तीन करोड़ की डकैती डालने आया था असलम
दादरी में आमका गांव के पास शनिवार रात मुठभेड़ में मारे गए असलम के संबंध में पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस का दावा है कि असलम अपने साथी के साथ किसी जिले के एक बड़े कारोबारी के घर तीन करोड़ की डकैती डालने की योजना बनाकर आया था। वारदात को अंजाम देने से पहले ही पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया। असलम ने इसी वर्ष जेल से बाहर आने के बाद एक के बाद एक ताबड़तोड़ वारदातें की थीं। 50 हजार का इनाम घोषित होने के बाद 2 नवंबर को उसने घर छोड़ दिया था।
शनिवार रात कोतवाली दादरी क्षेत्र के गांव आमका में शामली के बुंटा गांव निवासी असलम अली मारा गया था। पुलिस के मुताबिक, असलम अली ने 30 सितंबर को साथियों के साथ सहारनपुर के नानौता में डकैती डाली थी। इसमें उसका साथी रमजानी भी शामिल था। रमजानी भी असलम से कुछ घंटे पहले अलीगढ़ में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। दोनों की मुलाकात जेल में हुई थी। सहारनपुर की वारदात के बाद असलम व रमजानी दोनों पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया था। दोनों पर उत्तराखंड पुलिस ने भी इनाम घोषित किया हुआ था। दादरी कोतवाली प्रभारी रामसेन ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि असलम अपने साथी के साथ जनपद के एक बड़े कारोबारी के घर तीन करोड़ की डकैती डालने की योजना बनाकर आया था। 
उधर रविवार को असलम के पिता मौसम अली व मां वरीसा दादरी कोतवाली पहुंचीं। उनका कहना था कि घर से बीते 2 नवंबर से गायब था। बुरी सोहबत में रहकर वह अपराध करने लगा था। पुलिस के इनाम घोषित करने के बाद से उसने घर छोड़ दिया था। असलम के तीन बच्चे हैं। पुलिस ने शनिवार रात असलम के मुठभेड़ में मारे जानेे की सूचना दी थी। 

डायरी की पड़ताल कर रही पुलिस
पुलिस असलम के पास से मिली डायरी में लिखे नंबरों व आरोपी पर दर्ज केस की तारीख लिखी हुई हैं। वहीं, घटना स्थल से बरामद बाइक और फरार साथी के संबंध में भी पुलिस पड़ताल कर रही है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें