कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित, देश के नौजवानों को नासा में स्थान दिलाने वाले एक वैज्ञानिक की बहन-भांजी के साथ अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिसकर्मी ने गालीगलौज और अभद्रता की। विरोध किया तो काफी देर तक जबरन बैठाए रखा। पीड़ित ने घटना की जानकारी अपने भाई को दी। वैज्ञानिक ने रेलमंत्री, डीआरएम एनसीआर, आरपीएफ एनसीआर आदि को ट्वीट कर शिकायत कर दी। उन्होंने कहा है कि भारतीयों के टैक्स से चलने वाली भारतीय रेल मुसाफिरों की सुविधा के लिए है या असहाय महिलाओं को गाली और धमकी देने के लिए...?
मूल रूप से पटना के रहने वाले मिर्जा फैजान एक्रोस्पेस साइंटिस्ट एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट हैं और नासा अमेरिका में हैं। उनकी बहन रजाला अपनी बेटी के साथ 10 जुलाई को गरीब रथ से अलीगढ़ पहुंची थीं। ट्रेन साढ़े 16 घंटे लेट रात 1.30 बजे अलीगढ़ स्टेशन पहुंची थी। रजाला को अपनी बेटी का एएमयू में एडमिशन कराना था। आरोप है कि ट्रेन रुकते ही वह उतरने के लिए गेट पर गईं, तो गेट नहीं खुला। उन्होंने सोते हुए कोच अटेंडेंट को जगाकर सहायता मांगी, तो उसने कहा कि दूसरे गेट से उतर जाओ। मां-बेटी दूसरे गेट पर पहुंचीं, जहां से प्लेटफार्म के दूसरी तरफ का गेट खोल कर सामान लेकर रजाला उतर गईं, जबकि बेटी ट्रेन में ही रह गई। मुसाफिरों ने चेन पुलिंग कर गाड़ी को रोका, जिसके बाद बेटी को भी उतारा गया।
ट्रेन जैसे ही गुजरी, तभी वहां मौजूद जीआरपी कर्मी ने उन्हें बुलाया और धमकाने लगा। जब उन्होंने विरोध किया तो उन्हें सलाखों के पीछे डालने की धमकी दी। रजाना ने कहा कि आप एक महिला को छह बजे के बाद अरेस्ट नहीं कर सकते। इस पर पुलिसकर्मी उखड़ गया। उसने रजाला और उनकी बेटी के साथ गालीगलौज करते हुए पूरा बायोडाटा लिया। इस दौरान करीब 20 से 25 मिनट तक उन्हें रोका गया। उन्होंने घटना की जानकारी अपने भाई मिर्जा फैजान को दी। उन्होंने पूरे प्रकरण की रेलमंत्री, रेलवे पुलिस सहित रेलवे के आला अधिकारियों से ट्वीट कर शिकायत कर दी। घटना के बाद रजाला और उनकी बेटी सदमे में हैं।
पिता रहे हैं बिहार सरकार में सचिव
मिर्जा फैजान ने बताया कि उनके बहनोई पटना में डॉक्टर हैं। उनका परिवार बहुत शांतिप्रिय है। उनके पिता बिहार सरकार में सीएम के सचिव भी रहे हैं।
वर्जन
जीआरपी थाना प्रभारी अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मी की तलाश में जुटे हैं। पुलिसकर्मी की पहचान कराई जाएगी। मुसाफिरों के साथ इस प्रकार का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे मामले की जांच होगी। दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की जाएगी।
- वीआर मीना, आईजी रेलवे।