कस्बा निवासी जाहिद पुत्र मुन्ना खां 18 अक्तूबर से लापता था। 24 अक्तूबर को उसका शव हरदुआगंज क्षेत्र में नहर किनारे मिला था। इस मामले में मोनू और प्रदीप को आरोपी बनाया गया था। मोनू को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है जबकि प्रदीप अभी फरार है। इधर घटना के बाद से मोनू के परिजन और रिश्तेदार भी घर पर ताला डालकर चले गए हैं। जाहिद के परिजन और अन्य लोगों ने मोनू के रिश्तेदारों को गिरफ्तारी की मांग को लेकर रविवार और सोमवार को हंगामा किया था। इसी क्रम में मंगलवार को भी सैकड़ों लोग मोनू के रिश्तेदार ज्ञान वार्ष्णेय के भट्ठे पर पहुंच गए और उत्पात मचाया। भट्ठे के मुनीम और मजदूरों को दौड़ा दिया। वहां बने धर्मस्थल को भी तहस-नहस कर दिया। इसके बाद सभी लोग बाजार बंद कराने की बात कहते हुए कस्बे की तरफ बढ़ने लगे। एसओ अकराबाद संजय पांडे और पिलखना चौकी इंचार्ज अवधेश भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और भीड़ को वहीं रोक दिया। समझाबुझाकर लोगों को शांत किया। बकौल थानाध्यक्ष उक्त घटना के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। कस्बे में पुलिस-पीएसी बल तैनात करा दी है। उपद्रवियों को सख्त हिदायत दी है कि जो लोग उत्पात मचाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इलाके के एक जनप्रतिनिधि को भी हिदायत दी है कि वह राजनीति न करें।