कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में मौसेरे भाई के दुष्कर्म से मासूम की मौत में सह आरोपी मौसी को पुलिस को रविवार की सुबह मथुरा बार्डर पर एक फिटनेस सेंटर के समीप से गिरफ्तार कर लिया। मौसी के साथ ही मौजूद मृत मासूम की बड़ी बहन को भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस की एक टीम उसे लेकर सादाबाद क्षेत्र के गांव पहुंची और लिखापढ़ी कर पिता-चाचा की सुपुर्दगी में उसे दे दिया है।
हाथरस के सादाबाद थाना क्षेत्र के मई चौकी के एक गांव निवासी व्यक्ति के मासूम बेटी से मौसेरे भाई ने अपने घर पर इगलास क्षेत्र में दुष्कर्म किया था। मासूम के घर ही शौचालय में मासूम को गंभीर हालत में पुलिस ने बरामद किया था। उसके नाजुक अंग में कीडे़ पड़ गए थे।
इलाज के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मासूम की मौत हो गई थी। उधर गंभीर हालत में मासूम की बरामदगी के बाद पिता ने आरोपी मौसेरे भाई व सह आरोपी मौसी पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी 12 वर्षीय किशोर को तो पकड़ लिया था जो मथुरा बाल सुधारगृह में बंद है लेकिन सह आरोपी मौसी अपने 19 वर्षीय बड़े बेटे और मृत मासूम की बड़ी बहन को साथ लेकर फरार थी।
मासूम की मौत के बाद सह आरोपी मौसी की गिरफ्तारी में लापरवाही पर एसएसपी मुनिराज जी ने इगलास कोतवाल प्रवीण कुमार मान को निलंबित कर दिया था। सह आरोपी मौसी की तलाश में पुलिस की कई टीमें मथुरा, गोवर्धन आदि में लगी थीं। सीओ परशुराम सिंह ने बताया कि रविवार की सुबह कोतवाल प्रदीप कुमार व एसएसआई लखमी सिंह ने मुखबिर की सूचना पर सह आरोपी मौसी को मथुरा बार्डर पर फिटनेस सेंटर के पास से पकड़ लिया गया।
सह आरोपी मौसी के पास से बरामद मृत मासूम की बड़ी बहन को महिला आरक्षियों के संरक्षण में थाना सादाबाद ले जाया गया। सादाबाद में कोतवाल ने लिखापढ़ी के बाद गांव वालों की मौजूदगी में पिता-चाचा को किशोरी सुपुर्द कर दी है। -प्रदीप कुमार, कोतवाल।
मथुरा जनपद में ही ठिकाने बदलती रही मौसी
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अपने घर पर ताला डालकर बड़े बेटे और मृत मासूम की बड़ी बहन को लेकर फरार सह आरोपी मौसी मथुरा जनपद में ही लगातार ठिकाने बदल रही थी। वह मथुरा, गोवर्धन, वृंदावन, शेरगढ़ इलाके में इस दौरान रही है। गोवर्धन, वृंदावन क्षेत्र में ही सह आरोपी मौसी की मां और चार भाइयों का भी परिवार रहता है। इस दौरान वह अपने मोबाइल से सगे संबंधियों से बात करती और फिर मोबाइल का स्विच आफ कर लेती। पुलिस की टीम सर्विलांस के सहारे उसके पीछे लगी थी। जब वह मोबाइल खोलती और उसकी लोकेशन पता चलती तो पुलिस टीमें उस इलाके में तलाश में जुट जातीं। आखिरकार रविवार को वह पुलिस के हत्थे चढ़ ही गई।