ट्रेन से धोखे से उतारकर जाल में फंसाकर बेची गई दिल्ली की महिला को उसके पति ने जिले के तेलिया नगला गांव से ग्रामीणों की मदद से मुक्त कराया। सटीक जानकारी के लिए यह पति गुब्बारे बेचने वाला बनकर गांव में घूमा। इससे पहले उसने ग्राम प्रधान के भाई व अन्य गांववालों को इसकी जानकारी दी थी। इन लोगों ने मिलकर महिला को मुक्त करा लिया। बाद में पति ने पुलिस को तहरीर देकर शिकायत की पर सभी आरोपी फरार होने में कामयाब रहे।
मुक्त कराई गई महिला के पति शमीम ने बताया कि वह मूल रूप से सुल्तानपुर जिले के बाकनेर गांव का निवासी है। कई साल से वह सपरिवार दिल्ली के विजय विहार में रह रहा है। नौ नवंबर को उसकी पत्नी लज्जा बानो दिल्ली से अपने मायके इलाहाबाद के लिए ट्रेन में बैठी थी। इसी ट्रेन में मिली दो महिलाओं ने दूसरी ट्रेन से जल्द इलाहाबाद भेजने की बात कहकर लज्जा को अलीगढ़ में उतार लिया।
उन्होंने लज्जा को बहलाकर थाना दादों के ककराली गांव निवासी राजेंद्र सिंह के सुपुर्द कर दिया। राजेंद्र सिंह ने गांव हुसैनपुर निवासी रामदास वर्मा के जरिए तेलिया नगला गांव निवासी सत्यभान को 35 हजार रुपये में लज्जा को बेच दिया। इस बीच सात दिसंबर को किसी का मोबाइल लज्जा के हाथ लग गया। उसने मोबाइल पर सारी बात शमीम को बताई। इसके बाद शमीम अपनी मां के साथ शनिवार सुबह दादों पहुंचा।
यहां वह सबसे पहले ग्राम प्रधान के घर गया। वे नहीं मिले तो उनके भाई लियाकत खां को सारी बात बताई। तय योजना के अनुसार लज्जा की मौजूदगी के बारे में सटीक जानकारी जुटाने के लिए वह गुब्बारे वाला बनकर आरोपी सत्यभान के घर के आस-पास घूमने लगा। संकेत मिलने के बाद लियाकत खां अन्य कई लोगों को साथ लेकर वहां पहुंचे और लज्जा बानो को मुक्त कराया। एसओ संजय पांडेय ने बताया कि शमीम की ओर से तहरीर दी गई है। सभी आरोपियों के घरों परदबिश दी गई है। जल्द ही उनको पकड़ लिया जाएगा। इनके पकड़ने के बाद ऐसी अन्य कई वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है।