आर्यावर्त बैंक शाखा चंडौस के प्रबंधक ने शुक्रवार को सात लोगों के खिलाफ तीस लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। प्रबंधक ने बताया कि चंडौस क्षेत्र के रहने वाले सात किसानों ने खतौनी व हिस्सा प्रमाण पत्र में हेराफेरी कर वर्ष 2015 व 2016 में लगभग तीस लाख रुपये का लोन लिया था।
बैंक प्रबंधक को हेराफेरी की जानकारी हुई तो उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों ने अपने खेत की खतौनी व हिस्सा प्रमाण में अपने नाम पर अधिक जमीन दिखाकर बैंक से केसीसी(किसान क्रेडिट कार्ड) लोन ले लिया था। कुछ आरोपी लोन की जमा-निकासी कर रहे थे। लेकिन कुछ ने पैसा जमा ही नहीं किया। वर्तमान में सातों आरोपियों पर बैंक का लगभग 27 लाख रुपये बकाया है।
आरोपियों में कमल सिंह निवासी बझेड़ा, भूपेन्द्र सिंह निवासी ऊमरी, रामजीलाल निवासी नगला पदम, श्याम सिंह निवासी नगला पदम, किशनपाल निवासी ऊमरी, डिप्टी सिंह निवासी रामनगर गंगेई, रामजीत निवासी गंगेई शामिल हैं।
बैंक प्रबंधक ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
-सीपी सिंह, कोतवाल चंडौस।
बैंक से सात लोगों ने खतौनी व हिस्सा प्रमाण पत्र में अधिक जमीन दर्शाकर बैंक से लग भग तीस लाख रुपये का लोन लेने की बात सामने आई है। सभी के खिलाफ चंडौस कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
-रामशरण वर्मा, प्रबंधक आर्यावर्त बैंक शाखा चंडौस।