फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुष्कर्म के बाद बालिका की हत्या के आरोपी को उम्रकैद

Tue, 09 Apr 2019 01:14 AM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
विज्ञापन
court order - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
मडराक इलाके के नगला मंदिर में जुलाई 2015 में हुए बहुचर्चित बालिका की रेप के बाद हत्या के आरोपी पूसा को अपर सत्र न्यायाधीश-8 अजय कुमार त्रिपाठी द्वितीय के न्यायालय से उम्रकैद की सजा सुनाई गई है और एक लाख रुपया जुर्माना भी तय किया गया है। जुर्माने में से आधी रकम पीड़ित बच्ची की मां को दी जाएगी। यह फैसला आने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है। 
विज्ञापन


अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह के अनुसार वाकया 18 जुलाई 2015 की शाम नगला मंदिर में छठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 वर्षीय बालिका को उसके पड़ोसी पूसा ने बहाने से अपने घर बुलाकर उसके साथ पहले दुष्कर्म को अंजाम दिया, इसके बाद चाकू से गला रेतकर हत्या करने के बाद शव घर के अंदर कमरे में बेड़ के नीचे छिपाकर गायब हो गया था। इस दौरान जब बालिका के भाई ने आरोपी को बदहवास हालत में खून से सने कपड़ों सहित भागते देखा तो घटना को लेकर शोर मचा और लाश मिली थी।

इस मामले में पूसा पर नामजद मुकदमा दर्ज हुआ था। इस घटना के बाद 27 अगस्त को आरोपी पूसा पुत्र रामबाबू निवासी नगला मंदिर को उसकी ससुराल देहली गेट के नगला मसानी से गिरफ्तार किया था। अदालत में सत्र परीक्षण के दौरान आरोपी को हत्या, दुष्कर्म व पॉक्सो का आरोपी करार दिया गया। जिसके आधार पर उसे उम्रकैद व एक लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। निर्णय सुनने के बाद परिवार ने राहत महसूस की है।
विज्ञापन


नगला कलार और नगला मंदिर के बाद अब हरदुआगंज कांड बाकी 
पिछले एक दशक में जिले के बहुचर्चित तीन कांड ऐसे हैं, जिनमें रेप के बाद हत्या की गई। इनमें सबसे पहला प्रकरण वर्ष 2013 में बन्नादेवी का नगला कलार कांड था, जिसमें ढाई साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या की गई थी। लंबी पैरवी के बाद पिछले वर्ष नगला कलार कांड में आरोपी सोमना को उम्रकैद की सजा सुनाई गई और जुर्माना भी तय किया गया। इसके बाद 2015 में नगला मंदिर का यह कांड था, जिसमें अब आकर अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है।

अब इसी तरह हरदुआगंज में एक आठवीं की छात्रा की कोचिंग जाते समय 23 दिसंबर 2015 की सुबह रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी कई दिन तक जमकर बवाल हुआ था और तीन आरोपी जेल भेजे गए। इनमें से एक पर रासुका के तहत कार्रवाई तक हुई। इसका फैसला अभी अदालत में लंबित है। जानकार बताते हैं कि इस मामले में डीएनए की परीक्षण रिपोर्ट आना बाकी है।

इसके चलते अदालत में प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। पैरवी कर रहे परिजन लगातार अधिकारियों के यहां जल्द से जल्द डीएनए रिपोर्ट मंगाने के लिए पैरवी कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही रिपोर्ट आने पर इस मुकदमे में भी निर्णय आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें