आजीवन कारावास की सजा सुनाये जाने के बाद आरोपियों को जेल लेकर जाती पुलिस।
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जिले की रंजिशों से जुड़े अतरौली के बहुचर्चित गांव चकाथल की रंजिश में हुए देवेंद्र शर्मा हत्याकांड में सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय ने फैसला सुना दिया है। इस हत्याकांड के चार आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद और जुर्माने से दंडित किया है। वहीं हत्याकांड के एक आरोपी की पूर्व में हत्या कर दी गई थी। मंगलवार को अदालत से फैसला आने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया। इस दौरान आरोपियों के परिजनों के चेहरों पर मायूसी देखी गई।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार वाकया 27 जनवरी 2003 का है। अतरौली के गांव चकाथल के तत्कालीन प्रधानपति देवेंद्र शर्मा शाम करीब पांच बजे अपनी देखरेख में खड़ंजे का निर्माण करवा रहे थे। तभी गांव के नामजदों ने रंजिशन उन पर दुनाली बंदूक, रायफल, इकनाली बंदूक, तमंचा आदि हथियारों से हमला बोलते हुए फायरिंग कर दी। इस दौरान की गई ताबड़तोड़ फायरिंग में देवेंद्र गंभीर रूप से जख्मी हुए थे, जिन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां उनकी मौत हुई।
इस घटना का मुकदमा गांव की देवेंद्र की पत्नी नीरज शर्मा की ओर से जगवीर सिंह पुत्र डंबर सिंह , मुकेश पुत्र रामनिवास, तेजवीर सिंह पुत्र रामनिवास, महावीर सिंह उर्फ मंजूरा पुत्र ओमप्रकाश व सुशील कुमार पुत्र ब्रह्मपाल निवासीगण चकाथल को नामजद कर दर्ज कराया गया था। पुलिस ने विवचेना में आरोप पत्र दाखिल किया। दौरान-ए-सत्र परीक्षण जगवीर सिंह की हत्या कर दी गई। शेष चार आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य व गवाही के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाते हुए सभी को दोषी करार दिया है और उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।