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मुंह पर टेप लगाकर कश्मीरी छात्रों का एएमयू में प्रदर्शन 

Wed, 17 Oct 2018 02:39 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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छात्रों के साथ मीटिंग करते छात्र नेता सज्जाद सुभान राथर। - फोटो : Rupesh
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 कश्मीर के दो शोध छात्रों पर दर्ज देशद्रोह का मुकदमा एवं निलंबन वापस लेने की मांग को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों ने मुंह पर टेप लगाकर प्रदर्शन किया। एएमयू के कैनेडी हॉल के सामने छात्रों ने यह प्रदर्शन उस समय किया जब देश-विदेश के पूर्व छात्र एलुमनाई मीट (पूर्व छात्रों का सम्मेलन) में शामिल होने आए हुए थे। छात्र नेताओं ने यह सवाल भी उठाया कि क्या कश्मीरी होना गुनाह है। इसी दौरान छात्र नेताओं ने सभा में कहा कि आज मांगें पूरी नहीं हुई तो रात में कश्मीर के छात्रों का बैग जमा करेंगे और 17 अक्तूबर को सुबह में कश्मीर वापस जाएंगे। शाम को दोनों शोध छात्रों वसीम और हसीब के निलंबन को वापस ले लिया गया, जिसका कारण साक्ष्य न मिलना बताया है। 
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एएमयू के भूगर्भ विज्ञान विभाग के शोध छात्र से प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर बने मन्नान बशीर वानी को सुरक्षा बलों द्वारा गुरुवार को मार गिराये जाने के बाद कश्मीरी छात्रों ने कैनेडी हॉल में नमाज-ए-जनाजा पढ़ने की कोशिश की थी। इसका कुछ छात्रों ने विरोध किया था। इस दौरान कश्मीर के छात्रों ने प्रॉक्टोरियल टीम के साथ नोकझोंक भी की थी। उसके बाद एएमयू प्रशासन द्वारा बायोकेमेस्ट्री के शोध छात्र वसीम अयूब मलिक (निवासी शोपिया, कश्मीर) एवं इतिहास विभाग के शोध छात्र अब्दुल हसीब मीर (निवासी कुपवाड़ा, कश्मीर) को निलंबित कर दिया गया था। इन छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा देशद्रोह का मुकदमा भी दर्ज किया गया था। इसके अतिरिक्त सात छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 

मंगलवार को एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष एवं कश्मीर के रहने वाले सज्जाद सुभान रॉथर करीब 125 छात्रों के साथ कैनेडी हॉल के बाहर पहुंच गए और लाइन में लगकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने लगे। यहीं पर एएमयू एलुमनाई मीट का आयोजन किया गया था और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी रिजवान अहमद मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। वह एएमयू के पूर्व छात्रों से कश्मीर के छात्रों के साथ हो रहे अन्याय में मदद करने की अपील कर रहे थे। छात्र अपने हाथ में तरह-तरह के नारे लिखे पोस्टर लिये हुए थे। छात्र-छात्राओं ने मुंह पर टेप चिपकाकर अभिव्यक्ति की आजादी छिनने का संकेत भी दिया। कश्मीरी छात्र करीब 4 घंटे तक कैनेडी हॉल के बाहर जमेे रहे। इस दौरान प्रॉक्टोरियल टीम से कई बार मामूली नोकझोंक हुई। 
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छात्र नेता सज्जाद सुभान रॉथर ने कहा कि अगर आज मांगें पूरी नहीं हुई तो रात में कश्मीर के छात्रों का बैग जमा करेंगे और 17 अक्तूबर को सुबह में कश्मीर वापस जाएंगे। सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि किस चीज से जाएंगे, यह रात्रि में तय करेंगे। यह भी कहा कि आज रात में कश्मीरी छात्र अपने कमरे में नहीं जाएंगे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कश्मीर के छात्रों ने कोई भी देश विरोधी कार्य नहीं किया। उन्होंने एएमयू प्रशासन एवं एसएसपी पर गलत कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर के छात्रों ने देशद्रोही कार्य किया है तो एसएसपी इसके सबूत दिखाएं। 
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फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद दोनों शोध छात्रों का निलंबन वापस ले लिया गया है। जांच में उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है। 
- प्रो. शाफे किदवई, एमआईसी, पीआरओ आफिस, एएमयू 
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