कैलाश गली के बुजुर्गों की माने तो देश के बंटवारे के वक्त हुए भीषण उपद्रव में वहां के निवासी गोपालदास को दंगाइयों ने मौत के घाट उतार दिया था।
उसके बाद से लेकर 2015 तक हंगामा कई बार हुआ, लेकिन सांप्रदायिक तनाव में हुए बवाल के दौरान कभी किसी की जान नहीं गई। गुरुवार को हुए बवाल में गौरव को गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
गोपालदास के भतीजे गिर्राज की मानें तो वह खुद साठ साल की उम्र के हो गए हैं और उन्होंने कभी ऐसा बवाल यहां नहीं देखा। जबकि शहर में कई बार सांप्रदायिक तनाव में हिंसक वारदातों में कई लोगों की जानें गईं।