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अंतरराज्यीय हथियार सप्लायर गिरोह का भंडा फूटा, 6 गिरफ्तार

Sat, 06 Jun 2020 09:19 PM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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अवैध शस्त्रों की तस्करी करने वाले छह अभियुक्त तमंचों के साथ गिरफ्तार। - फोटो : neeraj
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महानगर में अंतर्राज्यीय स्तर की अवैध हथियार फैक्टरी चलाने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडा फोड़ते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पिछले डेढ़ माह से गांधीपार्क की बाबा कॉलोनी में किराये के मकान में फैक्टरी चला रहा था और तमंचे-पिस्टल बना रहा था। खास बात है कि चार दिन पहले दिल्ली में इस गिरोह का सरगना पकड़ा गया। वहां से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने मुखबिरी के आधार पर कार्रवाई की है। मौके से भारी मात्रा में हथियार व अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
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एसपी क्राइम डॉ. अरविंद ने शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव को जब इस हथियार फैक्टरी का इनपुट मिला तो उन्होंने अपने मुखबिरों का जाल बिछाया। इसी मुखबिरी के आधार पर शुक्रवार देर रात इंस्पेक्टर गांधीपार्क सुधीर धामा व थाने के दरोगा अश्वनी शर्मा, संजीव कुमार ने पुलिस टीम के साथ धनीपुर मंडी के सामने बाबा कॉलोनी में डबल गूलर के पेड़ के पास महावीर सिंह निवासी सिकंदराराऊ के मकान में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस को देख वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने घेराबंदी कर छह लोगों को पकड़ लिया, जबकि दो लोग भाग जाने में सफल रहे। मौके से भारी मात्रा में बने व तमंचे, पिस्टल और हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए।



चाचा-भतीजे ने ऐसे खड़ा किया यह रैकेट
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार सरगना के भतीजे संजय ने स्वीकारा कि पहले हम लोग सासनी गेट इलाके में यह धंधा चलाते थे। वहां पूर्व में कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तारी की। इसके बाद डेढ़ माह पहले यहां किराये पर रहने के लिए मकान लिया, जिसमें यह फैक्टरी शुरू की। इसी तरह जगह बदल-बदल कर काम करते आ रहे हैं। लॉकडाउन में काम किया है। इसी दौरान एकत्रित हुआ माल बेचने चाचा दिल्ली गए, जहां उन्हें दबोच लिया गया है। चाचा ने ही सभी कारीगर एकत्रित किए हैं।
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इस तरह से कारीगर जोड़कर काम बांटा
पकडे़ गए फैक्टरी स्वामी संजय शर्मा व सुभाष तमंचे-पिस्टल बनाने का कार्य करते हैं। कालीचरण मूर्ति बनाने की आड़ में तमंचे व पिस्टल की बॉडी की ढलाई करता है। राहुल व शिवम मदद करते हैं व ताहिर उर्फ बब्बू तमंचों की सप्लाई करता है। फरार तारिक व पंडित जी भी दूसरे शहरों व राज्यों में जाकर सप्लाई का काम करते हैं। 

पिछले कुछ माह में पांच हजार से ज्यादा पिस्टल-तमंचे बेचे
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि अब तक 5-6 हजार पिस्टल व तमंचे बेच चुके हैं। तमंचा 1 हजार रुपये व पिस्टल 8 से 10 हजार रुपये में बेचते हैं। यह गिरोह मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान हरियाणा के अलावा आसपास के जिलों में तमंचे व पिस्टल की सप्लाई करता है। उन्होंने बताया कि एक तमंचा साढ़े तीन सौ और पिस्टल एक हजार रुपये तक में बनकर तैयार होती है। हमें हमारे एजेंट संपर्क करते हैं। उन्हें ऑन ऑर्डर माल एजेंटों के जरिये भेजते हैं और पूरा काम नकद भुगतान पर होता है। एजेंट तमंचे को 1500 से 2000 में और पिस्टल को 15 से 20 हजार तक में ग्राहक को बेचते हैं।

यह हुए गिरफ्तार:- 
1- संजय शर्मा पुत्र विजेंद्र शर्मा निवासी कबीर नगर सासनीगेट, हाल किरायेदार अवैध फैक्टरी वाला मकान (दिल्ली में गिरफ्तार सरगना योगेश का भतीजा)
2-सुभाष पुत्र सुरेश चंद्र निवासी गली नंबर 2 बिहारी नगर सासनीगेट
3-काली चरण पुत्र प्रसादी लाल निवासी साकेत विहार कॉलोनी सासनीगेट
4-ताहिर उर्फ बब्बू पुत्र फहीमुद्दीन निवासी सराय रहमान नूरे सैय्यद बन्नादेवी
5-राहुल पुत्र मनोज निवासी डोरी नगर गली नंबर 9 गांधीपार्क
6-शिवम पुत्र हरपाल सिह निवासी पला होली चोक सासनी गेट 

यह हुए फरार:--तारिक निवासी ऊपरकोट और पंडित जी निवासी हाथरस

यह हुआ बरामद:-6 तमंचे 315 बोर, 2 तमंचे .32 बोर,  1 तमंचा 12 बोर, 1 पिस्टल .32 बोर, 13 नाल तमंचा 315 बोर, 103 नाल तमंचा .32 बोर व भारी मात्रा में शस्त्र बनाने के उपकरण।

रैकेट पर काम जारी, होगी संपत्ति जब्त की कार्रवाई
सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि इस रैकेट में अभी बहुत नाम शामिल हैं। उन सभी पर काम किया जा रहा है। एक-एक कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। इस रैकेट ने प्रदेश के कई जिलों में अपना जाल फैला रखा है। साथ ही लंबे समय से चल रहे इस गिरोह ने इस अपराध से संपत्ति अर्जित की है, जिसे गैंगेस्टर के तहत जब्त कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
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