अकराबाद के कस्बा कौड़ियागंज के एक घर में हर दो घंटे बाद के अजीब-ओ-गरीब आगजनी प्रकरण में पुलिस का संदेह और ज्यादा पुख्ता होता रहा है। उसका मानना है कि यह कारगुजारी घर के ही किसी शरारती तत्व की है। पुलिस द्वारा परिजनों की वीडियोग्राफी और फॉरेंसिक जांच में जुटाए सैंपलों से मिलान के बाद आग लगना बंद हो गई है। यह मनोवैज्ञानिक दबाव है या खुद शरारती को अपने पकड़े जाने का भय सता रहा है। फिलहाल पुलिस फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। साथ में परिजनों में से उस शरारती को चिन्हित करने का काम चल रहा है।
कौड़ियागंज के एक घर में पिछले सप्ताह अचानक आग लगने का घटनाक्रम जब शुरू हुआ तो पुलिस भी इस किस्से को सुनकर हैरत में पड़ गई। खुद एसएसपी मौके पर पहुंचे। वे फॉरेंसिक जांच टीम को भी ले गए। इस मामले में पुलिस को पहले दिन से यह शक था कि कोई शरारती इस काम को कर रहा है। पुलिस ने जांच के लिए सैंपल जुटाने के बाद अब शरारती की खोज में जुट गई है। इसी क्रम में परिजनों की वीडियोग्राफी कराई गई है। उनके कपड़ों से जोड़कर सैंपलों का मिलान कराया जाएगा। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस दिन से वीडियोग्राफी हुई है, उस दिन से आग लगना बंद हो गई है। एसएसपी राजेश पांडेय इतना ही बताते हैं कि आरोपी को चिन्हित करने का काम जारी है। संदेह परिवार के ही किसी सदस्य पर है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।