सिविल कोर्ट स्थित मृतक अर्दली के आवास को सील करते पुलिस कर्मी।
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कस्बे के हाथरस रोड स्थित सिविल कोर्ट परिसर स्थित आवास में सिविल कोर्ट के अर्दली (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) पंखे से रस्सी का फांदा बनाकर उसमें झूल गया। सुबह जानकारी होने पर सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार शर्मा ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से नीचे उतारा गया। कमरे से किसी तरह सुसाइड नोट नहीं मिला है। आगे जांच के लिए पुलिस ने अर्दली का कमरा सील कर दिया है।
मूलरूप से 78 त्रिवेणी नगर थाना सैनी जनपद प्रयागराज निवासी 35 वर्षीय विजय यादव पुत्र शिवपूजन यादव पिछले चार वर्ष से सिविल कोर्ट में अर्दली के पद पर कार्यरत थे। वह कोर्ट परिसर में बने आवास में अकेले ही रहते थे। रोजाना की तरह मंगलवार की सुबह वह चाय पीने दुकान पर नहीं पहुंचे तो चाय दुकानदार संजय तलाश करते हुए विजय यादव के आवास पर पहुंचे।
आवाज देने के बावजूद न दरवाजा खुला और न अंदर से आवाज आई तब संजय ने खिड़की से झांककर अंदर देखा तो विजय का शव पीले रंग की प्लास्टिक की रस्सी से लटका नजर आया। दुकानदार ने यह जानकारी वकीलाें को दी जिसके बाद सूचना पुलिस व न्यायिक अधिकारियों तक पहुंची। एसआई चंद्रशेखर त्रिपाठी ने फोर्स के साथ पहुंचकर कमरे का दरवाजा तोड़ा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाल अनिल कुमार के अनुसार कमरे को फिलहाल सील कर दिया गया है।
उधर चर्चा है कि अर्दली विजय को एक वर्ष से वेतन नहीं मिल रहा था। उन्हें वेतन भुगतान की संस्तुति रिपोर्ट यहां रहे तत्कालीन सिविल जज राज बाबू व कन्हैया कुमार ने भेजी थी। चर्चा यह भी है कि भाई से मकान को लेकर फोन पर अर्दली का विवाद हुआ था। सोमवार की शाम भी अर्दली विजय की फोन पर अपने घर हुई बात में कहासुनी भी हुई थी।