महानगर के बन्नादेवी थानांतर्गत के बरौला जाफराबाद इलाके में चरित्र को लेकर होने वाली कलह में मंगलवार की रात तीन बजे पति ने पत्नी की हत्याकर खुद थाने जाकर सरेंडर कर दिया। इस खबर पर पुलिस घर पहुंची और आला कत्ल सहित महिला का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मायके पक्ष ने पति सहित सास, देवर आदि पर नामजद मुकदमा दर्ज कराते हुए पति के चरित्र पर आरोप लगाया है, जबकि पुलिस हिरासत में पति ने पत्नी पर सवाल खड़े किए हैं।
वाकया इस तरह है कि बरौला जाफराबाद निवासी आईटीआई रोड पर चाय का खोखा लगाने वाले अमित उर्फ कालू का विवाह 10 साल पहले 28 वर्षीय पप्पी उर्फ चंद्रवती निवासी कुलदीप विहार संग हुआ था। दंपति पर तीन बच्चे क्रमश: 9 साल की नंदनी, 6 साल की आरती व 5 साल का अर्जुन हैं। थाना पुलिस के अनुसार दोनों में काफी समय से एक दूसरे के चरित्र पर शक को लेकर विवाद था और कलह में मारपीट तक हुआ करती थी। महिला की मां मुन्नी देवी के अनुसार इसी विवाद में डेढ़ माह पहले तक पप्पी मायके में रही थी और सुलह समझौते के आधार पर ससुराल गई थी।
वाकया मंगलवार तड़के करीब तीन बजे का है कि दंपति में इसी कलह में विवाद हुआ और विवाद में पहले पत्नी ने पति के सिर में डंडा दे मारा। इसके बाद गुस्से में आए पति ने उसी डंडे से पीट-पीटकर पत्नी की हत्या कर दी और खुद कुछ घंटे बाद आत्मसर्पण करने बन्नादेवी थाने पहुंच गया। जहां उसने पूरी बात मौजूद मुंशी व पहरा को बताई।
इस खबर पर तड़के बन्नादेवी पुलिस मौके पर पहुंची और महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। इधर, खबर पर कुलदीप विहार से मायका पक्ष भी आ गया। इस संबंध में मृतक पप्पी की मां मुन्नी देवी की ओर से दामाद के अलावा बेटी की सास व देवर, दो विवाहित ननदों को नामजद कर मुकदमा दर्ज कराया गया है। मां की मानें तो दामाद के किसी महिला से संबंध थे। जिसके विरोध को लेकर घर में कलह थी। इधर, दुपहर में पोस्टमार्टम के बाद मायके वाले शव को अपने साथ ले गए।
पति ने पत्नी पर लगाए गंभीर आरोप
पुलिस हिरासत में मौजूद पति ने पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि वह देर रात तक घर से बाहर रहती थी। इसी बात का वह विरोध करता था और इसी विरोध को वह नजरंदाज करती थी, जिसे लेकर कलह होती थी। इसी कलह में रात झगड़ा हुआ।
पहले पति की हत्या में जेल गई थी महिला
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई कि पप्पी का पहला विवाह नौरंगाबाद के एक युवक से हुआ था। शादी के छह माह बाद किसी तरह उसकी मृत्यु हो गई। बाद में परिजनों ने पप्पी, उसकी मां व पिता पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। छह साल तक चली लंबी जांच के बाद तीनों को जेल जाना पड़ा था और कुछ माह जेल में रहने के बाद पप्पी आदि जमानत पर रिहा हुए थे।
बेटियां नहीं थीं घर पर
वारदात की रात पप्पी व अमित दंपति की दोनों बेटियां घर पर नहीं थीं। पुलिस हिरासत में पति ने बताया कि उसके बहनोई सुरक्षा विहार में रहते हैं। दोनों बेटियां रात उनके घर गई थीं और वहीं रुक गई थीं। बेटा सोया हुआ था। तभी दोनों में कलह के दौरान यह घटना हुई। अब वारदात के बाद दोनों बेटियां व बेटा फिलहाल ननिहाल पक्ष के साथ चले गए हैं।