ब्राह्मण सम्मेलन में दलितों को लेकर आपत्तिजनक बयान देकर विवादों में फंसी भाजपा की निलंबित महिला मोर्चा की निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष मधु मिश्रा के खिलाफ अदालत में परिवाद दायर हुआ है।
बुधवार को एक दलित छात्र ने एसीजेएम तृतीय के न्यायालय में सीआरपीसी की दफा 156/3 के तहत परिवाद दायर कर उनपर मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है। अदालत ने परिवाद स्वीकारते हुए इसपर सुनवाई की तारीख 13 अप्रैल तय कर दी है।
मूलरूप से एटा के गांव सिराव थाना कोतवाली देहात का रहने वाला दिलीप कुमार गौरव यहां बेगमबाग के रमाबाई अंबेडकर छात्रावास में रहकर पढ़ाई करता है। उसने बताया कि 3 मार्च को रामलीला मैदान में चल रहे ब्राह्मण सम्मेलन के बाहर से अपने कुछ दोस्तों के साथ गुजर रहा था।
तभी उसने भाजपा नेत्री मधु मिश्रा द्वारा दलितों को लेकर जूता साफ करने वाला बयान देते सुना। इससे वह आहत हुआ और मधु मिश्रा के मंच से उतरने पर इस बारे में विरोध दर्ज कराया। उसका आरोप है कि इस पर उन्होंने जान से मरवाने की धमकी दी। इसके बाद वह थाने गया, पर पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की।
फिर पुलिस के उच्चाधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई गई और बुधवार को उसने अधिवक्ता अर्जुन स्वामी के माध्यम से अदालत में मुकदमा दर्ज कराने को परिवाद दायर किया। बता दें कि इसी बयान के मीडिया में आने के बाद भाजपा ने मधु मिश्रा को छह साल के लिए पार्टी से निलंबन कर दिया है।
गांधीपार्क के नगला मानसिंह निवासी प्रदीप कुमार ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि देश में जातिगत दंगा फैलाने के लिए मंच से मधु मिश्रा के द्वारा बयान दिलवाया गया है। इस तरह मधु मिश्रा का यह कृत्य, उनके साथी सहयोगी सांसद सतीश गौतम, पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय पर आईपीसी की धाराओं में संज्ञेय अपराध है। इसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराएं।