भ्ााजपा के नेता दयाशंकर और उनकी पत्नी स्वाति सिंह।
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भाजपा से निष्कासित पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने बसपा अध्यक्ष मायावती एवं नसीमुद्दीन सिद्दीकी को चुनौती दी है कि हिम्मत है तो उनके साथ विधान सभा का चुनाव लड़ें। उन्हें पता चल जाएगा कि प्रदेश की जनता किसके साथ है।
रविवार को सिकंदराराऊ में आयोजित कार्यक्रम में जाने के पूर्व दयाशंकर सिंह ने यहां पत्रकारों से कहा कि मायावती सहारनपुर से बलिया तक विधान सभा की सामान्य सीट चुन लें। उनसे मुकाबला करने को तैयार हैं। स्वाति सिंह ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज कराने के बावजूद उनकी सास और बेटी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी एवं अन्य लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्वाति ने कहा कि वह मायावती से सीधी बात करना चाहती हैं। उन्होंने चुनौती भी दी कि हिम्मत है तो किसी चैनल पर आमने-सामने बैठ जाएं। पड़ोसी जनपद आगरा में मायावती के सम्मेलन एवं सिकंदराराऊ में उनके कार्यक्रम के संबंध में पूछे जाने पर दयाशंकर सिंह एवं स्वाति सिंह का कहना था कि यह महज इत्तफाक है। दयाशंकर सिंह ने स्वीकारा कि उनसे गलती हुई और अगले ही दिन उसके लिए क्षमा मांग ली।
पार्टी से निष्कासित किया गया लेकिन मेरी बुजुर्ग मां, पत्नी एवं नाबालिग बेटी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई तो दाऊद इब्राहिम की तरह उनके पीछे पुलिस लगा दी गई। जेल में किसी से मिलने तक नहीं दिया गया। वह मायावती एवं नसीमुद्दीन के खिलाफ न्यायालय से लेकर जनता की अदालत तक में लड़ाई लड़ेंगे। इससे पूर्व भाजपा एवं क्षत्रिय समाज के लोगों द्वारा दोनो नेताओं का जगह-जगह स्वागत किया गया।