किशोरी की मौत पर विलाप करते परिजन।
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कस्बे के मुहल्ला गुडियाई में रहने वाली एक किशोरी ने पिता की डांट से क्षुब्ध होकर शनिवार दोपहर को फांसी लगा ली। किशोरी के पिता ने उसे मूकबधिर भाई से झगड़ा करने पर डांट दिया था। इसी गुस्से में उसने मौत को अपने गले से लगा लिया। शव को फंदे पर लटका देख परिजनों के होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
कस्बे के मुहल्ला गुडियाई में रहने वाले राजीव कुमार की बेटी शालिनी उर्फ शालू (17) और उसके मूकबधिर भाई के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इस बात से गुस्साए पिता ने बेटी को फटकार दिया और भाई से न लड़ने की बात कही।
इसी बात से क्षुब्ध किशोरी घर की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में गई और फांसी का फंदा बना उस पर लटक गई। काफी देर तक कि शोरी के कमरे से जब कोई हलचल की आवाज नहीं आई तो परिजनों ने आवाज दी। आवाज का प्रतिउत्तर न मिलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर बेटी का शव पंखे से लटका देख उनके होश उड़ गए।
आनन फानन में परिजन बेटी को फंदे से उतारकर क्वार्सी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। जहां, डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने गांव पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और परिजनों से पूछताछ करने के साथ ही कमरे की तलाशी की। हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
हरदुआगंज इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि जांच पड़ताल में किशोरी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या की बात सामने आ रही है। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इधर, शालिनी के पिता ने बताया कि उनकी चार बेटियां और दो बेटे हैं। शालू दूसरे नंबर की थी।