महानगर के बरौला बन्नादेवी इलाके के हार्डवेयर फैक्ट्री संचालक की हत्या में पुलिस ने रहस्य उजागर करते हुए फैक्ट्री मजदूर व उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्या फैक्ट्री मजदूर ने मात्र 50 हजार रुपये न मिलने पर दस हजार रुपये की सुपारी देकर अपने साथी से कराई थी। खास बात है कि फैक्ट्री स्वामी शराब पीने का आदी था, इसका लाभ उठाकर घटना की रात उसे शराब पिलाई गई। इसके बाद पोटाश मिलाकर पानी पिलाकर बेहोश कर दिया। फिर चाकू से गला रेत दिया गया।
इंस्पेक्टर बन्नादेवी जावेद खान के अनुसार मोहन नगर बरौला के हार्डवेयर फैक्ट्री संचालक 62 वर्षीय अमरपाल सिंह 1 नवंबर से लापता थे और 8 नवंबर को उनकी लाश नादा पुल के पास नाले में मिलने पर बेटे ब्रजेश ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस घटना के खुलासे में अमरपाल सिंह की फैक्ट्री में ही काम करने वाले फुरकान निवासी मुस्ताक नगर बन्नादेवी का नाम सामने आया। लोगों से जानकारी मिली कि आखिरी बार अमरपाल सिंह को स्कूटी पर फुरकान के साथ जाते देखा गया था। इसी दिशा में काम करते हुए साक्ष्यों के आधार पर फुरकान व उसके साथी इमरान निवासी कैलाश गली देहली गेट को गिरफ्तार किया गया। उसने स्वीकारा कि अमरपाल सिंह उसे 50 हजार रुपये नहीं दे रहे थे। इसी विवाद में गुस्से में वह उन्हें शराब पीने के बहाने अपने साथ ले गया। वहां पहले से तय साजिश के तहत इमरान मिल गया। उन्हें शराब व पोटाश का पानी पिलाकर बेहोश किया। फिर चाकू से इमरान ने गला रेतकर हत्या कर दी और शव नाले में फेंक दिया। पुलिस ने चाकू भी बरामद किया है।