घटना को सीसीटीवी में देखते डॉक्टर।
- फोटो : Amar Ujala
विषाक्त पदार्थ का सेवन करने के बाद उपचार के लिए एएमयू के जेएन मेडिकल कालेज लाई गई महिला के मुंह में उपचार के दौरान विस्फोट हो गया, जिससे डाक्टर हैरत में पड़ गए। बाद में महिला की मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच में जो संकेत मिल रहे हैं उसके आधार पर डाक्टर अनौपचारिक रूप से मान रहे हैं कि महिला ने संभवतः सल्फ्यूरिक एसिड का सेवन किया था। डाक्टरों ने उपचार के दौरान जब सक्शन पाइप मुंह में डाला तो आक्सीजन के संपर्क में आने के बाद उसमें विस्फोट हुआ। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है।
थाना हरदुआगंज क्षेत्र के कस्बा जलाली के मोहल्ला नसीर की रहने वाली शीला देवी (40 वर्षीय) पत्नी चुकेंद्र सिंह बुधवार सुबह अपनी ननद के घर थाना जवां क्षेत्र के गांव आलमपुर सुबकरा जाने के लिए निकली थी। गांव आलम सुबकरा पहुंचने पर गांव में प्रवेश से पहले ही वह अपने नंदोई सतवीर को बुलाने की आवाज लगाते हुए जमीन पर गिर कर बेहोश हो गई।
यह देखकर मौके पर गांव वालों की भीड़ लग गई। जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शीला को जेएन मेडिकल कालेज लाया गया। यहां पर डाक्टरों ने विषाक्त पदार्थ के सेवन की जानकारी होने पर उसी के मुताबिक उपचार करना शुरू कर दिया।
मुंह में पाइप और अन्य उपकरण जोड़े गए। अभी उपचार चल ही रहा था कि अचानक महिला के मुंह मंे विस्फोट हो गया जिससे आग और उसके बाद धुआं निकला।
इससे डाक्टरों ने तुरंत उपचार रोका और वह हैरत में पड़ गए। इसके कुछ देर बाद ही महिला की मौत हो गई। इसके बाद डाक्टरों ने इमरजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई इस घटना को बार-बार देखा। जिन डाक्टरों ने महिला का इलाज किया था वह आपस में बातचीत में इस नतीजे पर पहुंचे कि संभवत: महिला ने विषाक्त पदार्थ के रूप में सल्फ्यूरिक एसिड का सेवन किया है जो आक्सीजन के सीधे संपर्क में आने के बाद विस्फोट की स्थिति में आ गया। अधिक जानकारी पोस्टमार्टम के बाद हो सकेगी। मेडिकल कालेज में यह अपनी तरह की पहली घटना है। डाक्टर इस केस की स्टडी पर अब शोध कराने की बात कह रहे हैं।