लक्ष्मीकांत पंडित का फाइल फोटो
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महानगर के सारसौल बस स्टैंड पर रविवार दोपहर एक डग्गेमार बस ने रोडवेज परिचालक को रौंद दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब रोडवेज बस परिचालक डग्गेमार बस को एआरएम से पकड़वाने के लिए दौड़ा था। पकड़े जाने के डर से डग्गेमार बस के चालक ने बस को दौड़ा दिया। आरोप है कि डग्गेमार बस के परिचालक ने गेट से उन्हें धक्का मार दिया। इससे वह नीचे गिर गए और बस के पिछले पहिये के नीचे आ गए। आरोपी चालक-परिचालक बन्नादेवी पुलिस की हिरासत में हैं।
लक्ष्मीकांत पंडित (48) पुत्र देवकीनंदन शर्मा निवासी बेगमबाग, क्वार्सी रोडवेज में परिचालक थे। वर्तमान में गांधी पार्क बस स्टैंड पर शिफ्ट इंचार्ज के पद पर काम करते थे। वाकया रविवार दोपहर 12 बजे के करीब का है। लक्ष्मीकांत सारसौल स्थित वर्कशाप पर गए थे। वहां बस अड्डे पर उन्होंने मध्य प्रदेश परिवहन लिखी (यूपी75एम6969) डग्गेमार बस को देखा तो इस बात की शिकायत बुद्ध विहार एआरएम आलोक दास से की। शिकायत करने के बाद वह डग्गेमार बस को पकड़वाने के लिए दौड़ पड़े। लक्ष्मीकांत बस के गेट पर चढ़े ही थे कि डग्गेमार बस के परिचालक ने उन्हें धक्का मार दिया।
इससे वह बस के पिछले पहिये के नीचे आ गए। हादसे के बाद बस को चालक तेज रफ्तार में खेरेश्वर चौराहा की ओर ले भागा। रोडवेज अधिकारियों ने इस बात की सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस ने खेरेश्वर चौराहा पर घेराबंदी करके बस सहित चालक, परिचालक को पकड़ लिया है। लक्ष्मीकांत पंडित के दो बेटे हैं। मृतक के बेटे की ओर से आरोपी चालक-परिचालक के खिलाफ तहरीर देने की तैयारी है। बन्नादेवी इंस्पेक्टर के अनुसार फिलहाल तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पकड़े गए आरोपी बस चालक रामकिशन पुत्र भगवान दास निवासी गोले का मंदिर, ग्वालियर और परिचालक राशिद खान पुत्र मिस्टर खां निवासी खिड़की मोहल्ला, भिंड, मध्य प्रदेश के अनुसार सारसौल बस स्टैंड पर उन पर हमला बोला गया था। इसी दौरान गेट पर चढ़े लक्ष्मीकांत का पैर फिसल गया और वह बस के पहिये के नीचे आ गए।