कथित एनजीओ की आड़ में आगरा से कई दर्जन महिलाओं और युवकों को विदेश यात्रा, सरकारी योजनाओं और रुपयों का लालच देकर उनका धर्मांतरण करने की सूचना पर शहर के एकता नगर इलाके में मंगलवार को हंगामा खड़ा हो गया। मौके पर पहुंचे आरएसएस, भाजपा नेताओं और पुलिस ने कथित एनजीओ संचालक और इकट्ठा हुए लोगों से पूछताछ की तो बातों में एकरूपता न होने पर संदेह खड़ा हो गया। एनजीओ संचालक भी लोगों को इकट्ठा करने और अपने किसी ठोस मकसद का पुख्ता प्रमाण नहीं दे सके। कथित एनजीओ संचालकों को हिरासत में लकर पूछताछ की जा रही है।
क्वार्सी के एकता नगर में एक मकान की ऊपर की मंजिल पर एक धर्म के कुछ लोग आते जाते हैं। इस मकान के बाहर चर्च का बोर्ड भी लगा है। इसको मोहल्ले के लोग अब तक सामान्य रूप से देखते रहे, लेकिन मंगलवार को उस जगह करीब 70-100 लोगों के इकट्ठा होने पर मोहल्ले के लोगों को यह असहज लगा।
इलाके के लोगों ने बताया कि वहां पर धार्मिक प्रवचन और उस धर्म को अंगीकार करने के लिए माहौल बनाने वाली बातें हो रही थीं। यह देखते हुए इलाके के लोगों ने धर्म जागरण समन्वय आरएसएस के संयोजक सौरभ चौधरी, डॉ. निशित शर्मा, लोकेश सोलंकी, विनय वार्ष्णेय, कपिल गुप्ता, प्रतीक चौहान, कपिल प्रताप, लवेश बघेल, लवली सिंह व अन्य युवा भाजपा नेताओं को सूचित कर दिया। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। इस दौरान वहां हंगामे की स्थिति हो गई। स्थानीय लोगों ने एनजीओ संचालकों पर आरोप लगाने शुरू कर दिए।
पूछताछ में कथित एनजीओ के संचालकों ने बताया कि वह लोगों के राशन कार्ड, आधार कार्ड, अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मदद करते हैं। जब उनसे पूछा गया कि आगरा के लोगों को यहां पर बुलाने का क्या मकसद है तो वह कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। दूसरी ओर वहां पर आए महिलाओं और युवकों से पूछा गया तो कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें यहां पर आने के लिए पैसा दिया गया है।
कुछ ने बताया कि उन्हें सरकारी योजनाओं का फायदा दिलवाने के नाम पर लाया गया था। तहरीर में कहा गया है कि इन लोगों का प्लान मियां की सराय में स्थित चर्च में सभा करने का था। इसकी प्रशासन से अनुमति भी नहीं ली गई थी। कथित एनजीओ संचालकों को हिरासत में ले लिया गया है और आगरा से आए लोगों को पुलिस की उपस्थिति में बस से वापस रवाना किया गया।
- एकता नगर में हुए इस प्रकरण में कथित एनजीओ संचालक व सहयोगियों के खिलाफ तहरीर मिल गई है। जिन लोगों को बाहर से बुलाया गया था, उन्हें पूछताछ व जांच के बाद घरों को वापस भेज दिया गया है। हिरासत में लिए गए एनजीओ संचालकों से पूछताछ चल रही है। बाहर से आए लोगों की वीडियो फुटेज भी बनाई गई है।
- संजीव दीक्षित, सीओ तृतीय