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कस्तूरबा गांधी विद्यालय की दो और शिक्षिकाएं बर्खास्त

Tue, 23 Oct 2018 01:35 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पोंछा लगाती छात्रा। फाइल फोटो - फोटो : Amar Ujala
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 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मडराक में छात्राओं का उत्पीड़न करने के मामले में दो अन्य पूर्ण कालिक शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त कर दी गई हैं। इनमें रैना यादव और शालिनी यादव शामिल हैं, दोनों आपस में रिश्तेदार हैं। एक के बाद एक शिक्षिकाओं की सेवाएं समाप्त करने के जिलाधिकारी के सख्त फैसलों से विभाग में हड़कंप मचा है। 24 घंटे में ही चार शिक्षिकाओं की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। सोमवार को पूरे दिन विभागीय अधिकारियों से लेकर शिक्षक शिक्षिकाओं तक इसको लेकर खलबली मची रही। इधर, छात्राओं के उत्पीड़न की खबरें पढ़ने और सुनने के बाद इनके मां बाप भयभीत हैं। इधर, इस मामले में बालिकाओं के उत्पीड़न के आरोपों में निलंबित की गईं गुंजन पांडेय व उपासना सिंह पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
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मडराक स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय की वार्डन उपासना सिंह ने बीती तीन अक्तूबर को बीएसए डा. लक्ष्मीकांत पांडेय को उक्त दोनों शिक्षिकाओं की तमाम शिकायतों से रूबरू कराया था। जिसके बाद बीएसए ने छह अक्तूबर को जांच समिति गठित कर दी। समिति ने 10 अक्तूबर को अपनी रिपोर्ट में आरोप सही पाए। 16 अक्तूबर को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह और सीडीओ दिनेश चंद्र की संस्तुति पर इन दोनों की सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति कर दी। बीएसए ने भी तत्काल कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोप था कि रैना और शालिनी यादव आपस में रिश्तेदार होते हुए भी विद्यालय में लड़ाई झगड़ा करती हैं जिससे पूरा माहौल खराब हो    जाता है। 



बीएसए डा. लक्ष्मीकांत पांडेय ने स्पष्ट किया कि 16 अक्तूबर को उक्त दोनों शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त करने के बाद उनको पत्र नहीं भेजा जा सका क्योंकि 17 से 21 अक्तूबर तक अष्टमी, नवमी, दशहरा और रविवार का अवकाश था। इसलिए मीडिया में भी ये बात सार्वजनिक नहीं हुई। रविवार को गुंजन पांडेय और उपासना सिंह की सेवा समाप्त करने के बाद रैना और शालिनी का पत्र भी जारी कर दिया गया है। रैना और शालिनी के मामले में बैकडेट में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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वहीं इस कार्रवाई के बाद रैना और शालिनी यादव का कहना है कि उनको गुंजन पांडेय और उपासना सिंह की शिकायत करने की सजा दी गई। बैकडेट में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई और उनको सूचना भी नहीं दी गई। उनका कहना है कि इसी विद्यालय में एक अन्य शिक्षिका भी छात्राओं को प्रताड़ित करती है जिसका वीडियो मौजूद है। उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इधर, सोमवार को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने अन्य कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में भी छात्राओं से बातचीत कर फीडबैक लेने का निर्देश दिया है। ये प्रक्रिया गोपनीय रूप से जल्द ही पूरी होगी। वहीं इन विद्यालयों को गोद लेने वाली आकांक्षा समिति की अध्यक्ष जिलाधिकारी की पत्नी डा. अंजना सिंह सेंगर ने भी अन्य विद्यालयों से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। इधर, एसओ मडराक के अनुसार इस मामले में जिला बालिका शिक्षा समन्वयक गजेंद्र सिंह की तहरीर पर गुंजन पांडेय व उपासना सिंह के खिलाफ बालिकाओं के उत्पीड़न व मारपीट आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 

डीएम ने मडराक में वार्डन और शिक्षिका को किया तैनात
जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मडराक की चार शिक्षिकाओं का बर्खास्त करने के बाद वहां की व्यवस्थाओें को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। डीएम ने सोमवार रात को आदेश जारी कर कस्तूरबा गांधी विद्यालय कजरौठ की वार्डन रूपम दुबे को और मंजूरगढ़ी की शिक्षिका सरिता को तत्काल मडराक में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। जिलािधकारी ने जिले भर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के स्टाफ को इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी है। 
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