कानपुर में विकास दुबे ने जो किया। उसके बाद से यूपी पुलिस गम और गुस्से में है और खाकी व खादी के संरक्षण से दामन पर दाग भी लगा है। मौजूदा दौर में इसी वजह से शायद विकास दुबे इतनी बड़ी हिमाकत कर गया। मगर, अब प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन के जो संकेत हैं, उसके अनुसार जिले में भी अपराधियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
इस दौरान पुलिस को खास हिदायत इस बात की है कि कानपुर जैसी हिमाकत दोबारा कोई अपराधी न कर पाए और पुलिस की दहशत में भी अपराधियों में कायम रहे। कुछ ऐसा माहौल तैयार करना है। बृहस्पतिवार को इसी कड़ी में एडीजी जोन अजय आनंद ने हाथरस में डीआईजी रेंज डॉ.प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी अलीगढ़ मुनिराज जी व एसपी हाथरस विक्रांत वीर सिंह संग बैठक कर जरूरी टिप्स दिए।
अंदरखाने की बात पर गौर करें तो पुलिस इन दिनों थाना वार हर कैटेगिरी के अपराधी का ब्योरा एकत्रित करने में जुटी है। अपराधियों की अलग-अलग कैटेगिरी बनाई जा रही हैं। कौन किस कैटेगिरी का अपराधी है। कौन स्वयंभू है, कौन परिस्थितिजन्य है, कौन रंजिशन अपराधी है, कौन पेशेवर है। इसके अलावा कौन किस तरह के अपराध करता है। कौन सिर्फ रसूख के लिए करता है और कौन धन कमाने के लिए करता है।
इसमें अपराध के नाम पर संपत्ति, जमीन सहित अन्य अपराधों में लिप्त रहने वाले अपराधियों का अलग से ध्यान रखा जा रहा है। कौन कौन गैंग चला रहे हैं, इनकी अलग कैटेगिरी बनाई जा रही है। इन अपराधियों के राजनीतिक व पुलिस की ओर से संरक्षण देने वालों की अलग कैटेगिरी बनाई जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कौन कितने समय से शांत है और कितने समय से सक्रिय है।
अपराधियों की मौजूदा प्रतिद्वंद्विता पर विशेष फोकस
अपराधियों की सूची बनाए जाने में इस बात का विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि कौन अपराधी ग्रुप ऐसा है, जिसमें वर्तमान में तनातनी है। इसके पीछे की मूल वजह यह है कि लॉकडाउन हटने के बाद एकाएक हत्या की घटनाओं में इजाफा हुआ है। पिछले एक सप्ताह यानि जुलाई में तो हत्याओं की बाढ़ सी आई है। इनमें जिले में पिसावा में भाजपा नेता के भतीजे की हत्या सबसे सनसनीखेज मानी जा रही है। यह आपसी रंजिश और वर्तमान तनातनी का परिणाम है। ऐसी सूची बनाने के पीछे इन घटनाओं को रोकना भी बढ़ा मकसद है।
अलीगढ़-हाथरस के अफसरों संग एडीजी की चर्चा
शासन व पुलिस महानिदेशक के निर्देशों से अवगत कराने के लिए एडीजी आगरा जोन अजय आनंद बृहस्पतिवार को हाथरस पहुंचे। जहां उन्होंने डीआईजी, एसएसपी अलीगढ़ व एसपी हाथरस संग इस विषय पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान अपने अनुभवों के आधार पर जरूरी टिप्स भी दिए।