थाना क्षेत्र के गांव में दलित किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आनन फानन में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस बीच सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने चिता बुझाकर शव के अवशेष बरामद कर लिए।
पुलिस को देख परिजन वहां से फरार हो गए। गांव में इस किशोरी की मौत को लेकर आनर किलिंग चर्चा है।
हरदुआगंज थाना क्षेत्र के शेरगढ गांव में रिंकी (15) पुत्री राकेश सिंह की रविवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिवारीजनों ने आनन फनन में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। किशोरी की हत्या करने की बात कहकर किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पानी डालकर चिता को बुझा दिया। हालांकि शव पूरी तरह जल चुका था। पुलिस को देखकर मृतका के पिता, भाई व अन्य परिजन मौके से फरार हो गए। घर में मृतका की मां कांती देवी ही मौजूद मिली।
कांती देवी ने पुलिस को बताया कि वह अपने मायके से रविवार शाम करीब पांच बजे लौटी तो रिंकी मृत मिली। वह काफी दिनों से टायफाइड से ग्रस्त थी। इस दौरान घर पर कोई नहीं था। पति बीयर फैक्ट्री में काम पर गए थे, जबकि छोटी बेटी बबली खेत पर थी।
दूसरी ओर किशोरी के गांव के ही युवक से प्रेम संबध के चलते परिजनों द्वारा आनर किलिंग की चर्चा है। एसओ शंभू तिवारी ने बताया कि पुलिस के पहुंचते ही अन्य सदस्यों का फरार हो जाना संदेहास्पद है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही किशोरी की मौत की हकीकत सामने आएगी।