खैर के गांव अर्राना में अलीगढ़-पलवल मार्ग पर एक ढाबा संचालक की बुधवार रात गोली मार कर हत्या कर दी गई। सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस घायल को जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ ले गई। जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। प्रशिक्षु आईपीएस व सीओ भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। घटना के मूल में पांच साल पहले गांव में हुई हत्या के बदले ढाबा संचालक की हत्या की बात सामने आ रही है।
अर्राना निवासी 33 वर्षीय हरीशंकर पुत्र बलवीर सिंह अविवाहित था और गांव में ही मुख्य मार्ग पर एक ढाबा चलाता था। बुधवार की रात्रि 12 बजे के लगभग हरीशंकर ढाबा में बने कमरे में अंदर चारपाई पर सो रहा था। उसके परिवार का ही दिनेश पुत्र करूटी कमरे के बाहर सो रहा था।
अचानक दो युवक ढाबे में घुसे और दिनेश को जगाते हुुये पूछा कि हरीशंकर कहां है। दिनेश ने बता दिया कि अंदर कमरे में सो रहा है। इतने में ही दोनों युवक अंदर कमरे में चले गये और सोते हुये हरीशंकर के सिर में गोली मार दी। हमलावर गोली मारकर ढाबे की बाउंड्री कूद कर पीछे की तरफ से भाग गये। घटना से दिनेश भयभीत हो गया और शोर मचा दिया।
जिस पर अनेक ग्रामीण एकत्रित हो गये। सूचना पर इंस्पेक्टर सुबोध कुुमार मौके पर पहुंच गये। उन्होंने हरीशंकर को गंभीर घायल अवस्था में जिला मुख्यालय भिजवाया। वहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। जहां सुबह तड़के उसकी मौत हो गई।
प्रशिक्षू आईपीएस निपुण अग्रवाल व सीओ खैर पंकज श्रीवास्तव ने घटनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और मौके पर फोंरेंसिक टीम को बुलाकर कई नमूने लिए हैं। मामले में हरीशंकर के तयेरे भाई भूपेन्द्र पुत्र भजन लाल ने गांव के ही बबलू व प्रमोद पुत्रगण रामनरायन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सीओ पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि घटना में जांच पड़ताल की जा रही है। फिलहाल आरोपी बबलू और प्रमोद को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है जिसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
गांव के अजीत की हत्या में नामजद था हरीशंकर
गांव अर्राना में ही वर्ष 2014 में गांव के चौदह वर्षीय अजीत पुत्र रामनरायन की किसी ने गला घोंटकर हत्या कर दी थी। जिसमें गांव के जीतू, भजन लाल व हरीशंकर को नामजद किया गया था। घटना में भजन लाल व जीतू को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था, जबकि हरीशंकर का नाम विवेचना में निकाल दिया गया था। अब हरीशंकर की हत्या में अजीत के दोनों भाइयों को नामजद किया गया है।