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14 घंटे में डेयरी संचालक का अपहृत बेटा बरामद

Sat, 13 Jan 2018 02:06 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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बालक सनी के बरामद होने पर वारदात के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते एसएसपी राजेश पांडेय। - फोटो : Amar Ujala
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थाना क्वार्सी क्षेत्र के श्री नगर इलाके से शुक्रवार की सुबह 6:30 बजे हुए एक बच्चे के अपहरण के बाद पुलिस ने 14 घंटे में उसे गांधी पार्क के बौनेर से मुठभेड़ के  बाद सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे का अपहरण फिरौती के मकसद से किया गया था। अपहरण करने से पहले कई दिन बच्चे के साथ एक बदमाश ने दोस्ती का नाटक किया, जिससे बच्चा उस पर भरोसा जताने लगे। पुलिस ने दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक फरार है। पकड़े गए एक बदमाश के पैर में गोली भी लगी है।
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शुक्रवार की रात एसएसपी राजेश कुमार पांडेय, एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में बताया कि श्री नगर निवासी उमेश कुमार बघेल के इकलौते बेटे सनी के साथ एक बदमाश पिछले कुछ दिनों से दोस्ती कर रहा था और बहुत घुल मिल गया था। वह बच्चे को बॉल आदि लेकर देता था। शुक्रवार की सुबह वही बदमाश अपने एक साथी के साथ उमेश कुमार के घर के बाहर आया और बच्चे को आवाज दी। आवाज सुनकर बच्चा बाहर आ गया और उसे बहाने से बदमाश गली के नुक्कड़ तक ले गया। बदमाश बच्चे को जबरन बाइक पर बैठा कर ले जाने लगते हैं तो मोहल्ले पड़ोस के कुछ लोग देख लेते हैं। पड़ोस के लोगों ने ही बताया कि एक युवक वही था जो कई दिनों से सनी के साथ दोस्ती करता हुआ देखा जा रहा था। पुलिस के पास एक यही सुराग बदमाशों का था।

इस घटना में दूसरा महत्वपूर्ण पड़ाव तब आया जब सुबह 10:30 बजे बदमाशों का फोन सनी के परिजनों पर आया। इसमें कहा गया कि हम उसे मारने के इरादे से ले गए हैं, लेकिन मारेंगे नहीं। हमें 6.50  लाख रुपये चाहिए। तब तक परिजन पुलिस से संपर्क कर चुके थे। पुलिस ने बेहद सावधानी से काम लेते  हुए घटना में आगे काम करना  शुरू किया।
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दूसरे के फोन से बदमाशों ने मांगी फिरौती
बदमाशों ने बेहद चालाकी से काम लेते हुए अपहरण की घटना को अंजाम देने के बाद अपना मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं किया। वह सासनी गेट स्थित कचौड़ी वाले के पास पहुंच गए और वहां पर कचौड़ी खाईं। कचौड़ी विक्रेता से कहा कि पास के एक नर्सिंग होम में उनका मरीज भर्ती है। उनके फोन में बैलेंस खत्म हो गया है। कचौड़ी पैक करा कर ले जानी हैं। जरा अपना फोन दो तो पूछ लें कि कितनी कचौड़ी ले जानी है। कचौड़ी वाले ने कहा कि बैलेंस तो उसके फोन में भी नहीं है। उसने सामने मूंगफली वाले के फोन को इस्तेमाल करने के लिए कह दिया। इस तरह बदमाशों ने मूंगफली वाले के फोन से परिजनों को फोन किया।

आसान टारगेट मानते  थे बदमाश 
बदमाशों ने डेयरी संचालक के बेटे को ही अपहरण के लिए इसलिए चुुना क्योंकि बदमाशों का मानना था कि इसके पास पैसा भी है और यह आसान टारगेट भी है। काम होने के बाद इससे पैसा भी आसानी से मिल जाएगा। यही कारण था कि बदमाश घटना को अंजाम देने के बाद पूरी तरह आश्वस्त थे कि पैसा तो अब मिल ही जाएगा।

पुलिस की वर्दी देख एसपी सिटी से लिपट गया सनी
तय योजना के तहत परिजन पैसा और बाइक लेकर एटा चुंगी पहुंचे। वहां पर जैसे ही बदमाश परिजनों के संपर्क में आए वैसे ही पुलिस ने एक बदमाश को दबोच लिया, जबकि एक भाग गया। दबोचे गए बदमाश से जब सख्त लहजे में पूछताछ की गई तो उसने बता दिया कि बच्चे को बौनेर की तरफ बाईपास पर छिपा रखा है। बतायी गई जगह पर एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस पहुंची तो तंग रास्ते पर साइकिल भी दिखाई दे रही थी। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने यहां पर बच्चे को बाजरे की करब में झोपड़ीनुमा ढांचे में छुपा रखा था। पुलिस ने फायरिंग करके एक बदमाश दबोच लिया जबकि एक भाग गया। बच्चा एसपी सिटी को बदमाश समझ कर रोने लगा और कहने लगा कि मुझे मत मारो। इस पर एसपी सिटी ने अपनी जैकेट उतार कर दिखाया कि घबराओ मत हम पुलिस हैं। इस पर बच्चे में भरोसा जागा और वह उनसे लिपट गया।

बच्चे को बचाना, बदमाशों को दबोचना था चुनौती 
परिजनों से बदमाशों ने फोन पर कहा कि सुबह घटना को अंजाम देते वक्त हमारी एक बाइक वहीं रह गई है। उस बाइक को लेकर पैसा लेकर एटा चुंगी पर आ जाना। वहां पर हमारा आदमी मिलेगा। वह पनैठी की बस में बिठा देगा। बाकी बात बाद में बताएंगे। परिजनों ने पैसे के लिए बताया कि 3.20 लाख का इतंजाम हो पाया है, इस पर बदमाशों ने कहा कि वही लेकर चले आओ। अब पुलिस की चुनौती यह थी कि बच्चे को भी सुरक्षित बचाना था और बदमाश को भी एटा चुंगी पर दबोचना था।
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