दरोगा बनने की दौड़ एक सिपाही के लिए जीवन की आखिरी दौड़ साबित हुई। महानगर के पीएसी मैदान में पुलिस में भर्ती की शारीरिक परीक्षा के दौरान हुई दौड़ में सुबह करीब 10 बजे 15 अभ्यर्थी गश खाकर गिर पड़े। तत्काल सभी को उपचार के लिए दीनदयाल संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो सिपाहियों की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उनको जेएन मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। वहां से एक सिपाही को एक निजी अस्पताल के ट्रामा सेंटर भेज दिया गया, जहां उपचार के दौरान दोपहर करीब दो बजे इस सिपाही ने दम तोड़ दिया। वह बागपत जिले का रहने वाला था और मेरठ में तैनात था। बेहोश अभ्यर्थी मेरठ, एटा, हाथरस, आगरा, मैनपुरी आदि जिलों के रहने वाले हैं।
अलीगढ़ में आरक्षी व दारोगा पद के लिए पिछले तीन दिन से भर्ती प्रक्रिया चल रही है। गुरुवार को पहले दिन 250 अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा में शामिल हुए। शुक्रवार को 640 और शनिवार को 500 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। शनिवार को सुबह करीब 10 बजे दौड़ के दौरान गर्मी के चलते 15 अभ्यर्थियोें की हालत बिगड़ गई। यह लोग दौड़ते समय एक के बाद एक हांफ ते हुए जमीन पर गिर गए। इसको देखकर अधिकारियों में खलबली मच गई।
आनन फानन इन्हें दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। यहां पर दो अभ्यर्थियों की हालत गंभीर पाई गई। इनमें जिला बागपत के अंकुर अहलावत (30) पुत्र स्वर्गीय रामवीर सिंह निवासी खंडेरा थाना रमाला और सचिन पुत्र योगेंद्र पाल सिंह शामिल थे। दोनों को यहां से जेएन मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। वहां जाने पर अंकुर को रामघाट रोड स्थित वरुण ट्रामा सेंटर ले जाने की सलाह दी गई। इस
निजी अस्पताल में उपचार के दौरान अंकुर ने दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सचिन अभी मेडिकल कालेज में ही भर्ती है। बेहोश हुए अन्य अभ्यर्थियों में मैनपुरी के राहुल कुमार, अलीगढ़ के रोहित चौधरी, हाथरस के सुमित, एटा के आकाश, आगरा के मनीष कुमार व आनंदवीर सिंह, बागपत के सुहेब अहमद, मथुरा के सौरभ, हापुड़ के जुगेंद्र पाल आदि शामिल हैं।
बेहोश अभ्यर्थियों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। अंकुर की मौत का कारण तो पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा। अन्य सभी की हालत सामान्य है। रविवार को अगर परीक्षा के लिए अभ्यर्थी बचते हैं तो फिजिकल परीक्षा कराई जाएगी। - संजीव कुमार दीक्षित, सीओ तृतीय
अभ्यर्थियोें की तबियत खराब होने का मुख्य कारण गर्मी है। ज्यादा गर्मी में दौड़ने से इलेक्ट्रोइंबैलेंस (शरीर में सोडियम आदि तत्वों का संतुलन बिगड़ जाना) की स्थिति बन जाती है। इनके मामले में भी यही हुआ है। - डॉ. याचना शर्मा, सीएमएस, डीडी अस्पताल