महज दस हजार रुपये की देनदारी के विवाद में हुई बेइज्जती का बदला लेने के लिए ढाई साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी गई और उसके शव को भूसे की बुर्जी में दबा दिया गया। जब उसमें से दुर्गंध आई तो शव को बाहर लाकर फेंक दिया गया। यह खुलासा टप्पल की मासूम बच्ची की हत्या में गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने किया है। उनसे पूछताछ के आधार पर यह खुलासा करते हुए पुलिस ने दोनों को मंगलवार को जेल भेज दिया। अब इस मामले में इनके सहयोगियों को लेकर पुलिस सुराग लगा रही है। वहीं इनके खिलाफ अन्य कार्रवाई करने पर भी विचार कर रही है।
सीओ खैर पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि 2 जून की सुबह तीन दिन से लापता बच्ची का शव मिलने के बाद से एसएसपी के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस, फील्ड यूनिट, थाना पुलिस घटना के खुलासे में लगी हुई थीं। पुलिस टीमों द्वारा परिजनों से पूछताछ व साक्ष्य संकलन के आधार पर मृत बच्ची के मोहल्ले से सटे कस्बे के ही मोहल्ला ऊपरकोट के जाहिद व उसके दोस्त असलम निवासी कानूनगोयान के नाम सामने आए। इनके विषय में बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया कि जाहिद पर उनके दस हजार रुपये शेष थे।
रुपये मांगने पर उससे विवाद हुआ था। उसी दिन जाहिद ने देख लेने व बेइज्जती का बदला लेने की धमकी दी थी। इसी बदले की भावना से उसने असलम संग मिलकर साजिश बनाई और 30 जून को जब बच्ची खेलते हुए जाहिद के दरवाजे पर पहुंच गई तो उसे बिस्कुट के बहाने अपने घर में ले गया। फिर उसकी दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को भूसे की बुर्जी में छिपा दिया। जब तीसरे दिन वहां से बदबू आई तो शव को निकालकर सड़क के पास कूड़े के ढेर में डाल दिया। सीओ के अनुसार दोनों को अपहरण, हत्या व साक्ष्य छिपाने के आरोप में जेल भेज दिया गया है। जाहिद पर पूर्व में भी दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज है।