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दो लाख और मकान का ऑफर दे प्रत्याशी ने कराई थी भाई की हत्या

Mon, 13 Feb 2017 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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हत्या का मुख्य आरोपी परविंदर - फोटो : Amar Ujala
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 खुर्जा विधानसभा क्षेत्र के रालोद प्रत्याशी के इशारे पर प्रत्याशी के भाई की हत्या का आरोपी परविंदर रविवार तड़के जवां पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बुलंदशहर पुलिस के इनपुट पर हुई इस गिरफ्तारी के बाद उसे दोपहर में बुलंदशहर पुलिस पूछताछ के बाद अपने साथ ले गई। इस दौरान उसने स्वीकारा कि वह पिछले एक साल से रालोद प्रत्याशी मनोज गौतम के संपर्क में था और उसके द्वारा दिए गए दो लाख नकद व मकान के ऑफर के बदले यह हत्या की थी। मनोज की मंशा थी कि इस हत्या की एवज में मिलने वाली सहानुभूति से वह चुनाव जीत जाएगा। बता दें कि बुलंदशहर पुलिस पहले ही मनोज गौतम व एक अन्य को जेल भेज चुकी है।
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बुलंदशहर के खुर्जा नगर क्षेत्र में 7 फरवरी को रालोद प्रत्याशी मनोज गौतम के भाई विनोद तथा उसके दोस्त सचिन पुत्र बनवारी का शव रेलवे फाटक के पास स्कार्पियो में मिला था। इस मामले में बुलंदशहर पुलिस विधायक प्रत्याशी मनोज गौतम व फिरोज को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। उन्हीं से पूछताछ में जवां क्षेत्र के गांव दाऊपुर का परविंदर पुत्र सुखपाल मुख्य शूटर के रूप में प्रकाश में आया था। हत्या का मुख्य आरोपी उसी दिन से फरार था। इसको लेकर बुलंदशहर व जवां पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस दबाव के चलते परविंदर का परिवार भी गांव से पलायन कर गया। शनिवार रात को बुलंदशहर पुलिस को सूचना मिली कि परविंदर अपने गांव आ सकता है। इस सूचना से जवां पुलिस को अवगत कराया गया। इसके बाद जवां पुलिस ने मुख्य आरोपी की घेराबंदी शुरू कर दी। रविवार तड़के उसे सुमेरा झाल से गिरफ्तार कर लिया गया। थानाध्यक्ष जवां के अनुसार परविंदर ने बताया कि चुनाव जीतने के लिए मनोज गौतम ने अपने भाई तथा उसके दोस्त की हत्या कराई थी। भाई की हत्या का उद्देश्य चुनाव में सहानुभूति बटोरकर विधायक बनना था। 

बताया कि परविंदर पिछले एक साल से रालोद प्रत्याशी मनोज गौतम के संपर्क  में था। इससे पहले वह दिल्ली में काम करता था। मनोज गौतम ने उसे हत्या की एवज में दो लाख रुपये व एक मकान देने का वायदा किया था। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना बुलंदशहर पुलिस को दी तो वह यहां आकर हत्यारोपी को अपने साथ ले गई। सीओ तृतीय राजीव सिंह के अनुसार परविंदर का हमारे जनपद में कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। उसे बुलंदशहर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
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