थाना क्वार्सी क्षेत्र में पीएसी बटालियन के पास प्राइवेट बस की चपेट में आकर कक्षा 11 के छात्र की मौत हो गई। घटना के बाद चालक यात्रियों से भरी बस छोड़कर भाग गया। पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया है, जबकि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। छात्र के पिता पुलिस में दरोगा हैं और मेरठ में तैनात हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है।
थाना क्वार्सी पुलिस के मुताबिक बौरना गेट की विजय विहार कालोनी में रहने वाले सुरेश चंद्र पुलिस में दरोगा हैं। रामघाट रोड स्थित हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल की कक्षा 11 में पढ़ने वाला उनका मझला बेटा चेतन प्रताप सिंह (15) शुक्रवार को दोपहर में 1.30 बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद अपने दोस्त के साथ स्कूटी पर बैठकर क्वार्सी चौराहे की ओर आ रहा था। चेतन पीछे बैठा हुआ था।
जब स्कूटी पीएसी के पास ग्रेट वैल्यू माल के पास पहुंची तो वह असंतुलित हो गई। स्कूटी गिरने से पीछे बैठा चेतन सड़क पर गिर गया और पीछे अतरौली की ओर से आ रही प्राइवेट बस की चपेट में आ गया। जबकि स्कूटी चला रहा उसके दोस्त के हल्की चोटें आई हैं। बुरी तरह घायल चेतन को वरुण ट्रामा सेंटर में ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
उसके सिर में गंभीर चोटें थीं। घटना की सूचना परिजनों को दी गई तो परिवार में कोहराम मच गया। चेतन के बड़े भाई प्रशांत और छोटे भाई सानू ने किसी तरह मां अनीता सिंह को संभाला और मेरठ में तैनात पिता को घटना की सूचना दी। दूसरी ओर घटना के बाद ड्राइवर बस छोड़कर भाग गया।
पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया है। साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम हाउस पर चेतन के भाई, चाचा सहित अन्य परिवार के लोग पहुंच गए थे। पिता भी मेरठ से अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं। घटना के बाद परिवार में तो कोहराम है ही साथ ही मोहल्ले में भी सभी लोग स्तब्ध हैं। परिजनों के मुताबिक चेतन के पिता के आने के बाद आगे कार्यवाही तय होगी।
बाइक और स्कूटी हमारे यहां प्रतिबंधित: प्रिंसिपल
हेरिटेज स्कूल के प्रिंसिपल मो. आसिम रूमी ने बताया कि उनके यहां स्कूल में किसी भी छात्र या छात्रा का बाइक या स्कूटी का लाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। शुक्रवार को करीब 1.30 बजे छुट्टी हुई थी। वह किसके गया मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
काम बताकर ले गया था स्कूटी: भाई
हादसे का शिकार हुए चेतन के भाई प्रशांत ने बताया कि शुक्रवार को उसने कुछ काम बताया और स्कूटी ले जाने की बात कही। यह स्कूटी पापा ने सन 2014 में खरीदी थी। उसे स्कूटी दे दी गई। स्कूल में स्कूटी ले जाने की मना है। इसलिए उसने पास के पेट्रोल पंप पर स्कूटी खड़ी करी। हादसे के वक्त चेतन का दोस्त स्कूटी चला रहा था। वह भी घायल है।