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एटीएम कार्ड बदल रुपये उड़ाने वाला गैंग दबोचा

Fri, 09 Feb 2018 02:21 AM IST
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
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पकड़े गए गिरोह के साथ एसएसपी। - फोटो : अमर उजाला
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एटीएम केबिन में घुसकर मदद के नाम पर लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने या मदद के नाम पर एटीएम मशीन हैक कर रुपये उड़ाने वाले अंतर्राज्यीय गैंग के सरगना सहित 4 साथी सर्विलांस टीम व जवां पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दबोच लिए गए। 
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यह गिरोह लंबे समय से जिले में सक्रिय था और यहां के अलावा हरियाणा, अमरोहा व दिल्ली में भी वारदातें कर चुका है। इनके कब्जे से एक कार, विभिन्न बैंकों के 19  एटीएम कार्ड व 30 हजार रुपये नकद, एक तमंचा, दो कारतूस, दो चाकू बरामद हुए हैं। पूछताछ में चारों ने शहर में एटीएम केबिन से जुड़ी ठगी की 8 वारदात स्वीकारी हैं, जिसके जरिये कई लाख रुपये भी हड़पे हैं।  

एसएसपी राजेश पांडेय ने गुरुवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि बताया कि एटीएम फ्राड की शिकायतों पर सीओ तृतीय के नेतृत्व में सर्विलांस टीम को लगाया गया था। 
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इसी क्रम में गुरुवार को सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर जवां पुलिस की मदद से कासिमपुर पावर हाउस के निकट पीएनबी एटीएम से चार लोगों को दबोच लिया। यह चारों पुलिस टीम को देखते ही सफेद रंग की स्विफ्ट में सवार होकर भागने की कोशिश में थे। मगर इन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम शकील उर्फ अकील, नसरूद्दीन, अमीरूद्दीन और नूरहसन निवासी चिट्टा थाना सलेमपुर बुलंदशहर बताया। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने अलीगढ़ शहर में सिविल लाइंस, सासनी गेट, जवां, बन्नादेवी इलाके की एटीएम फ्राड की आठ वारदात स्वीकारी हैं। एसएसपी ने सर्विलांस टीम को 20 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ तृतीय संजीव दीक्षित मौजूद रहे। इस गिरफ्तारी टीम में एसओ जवां अमित कुमार, सर्विलांस प्रभारी अभय शर्मा, एमपी सिंह, सुखवीर सिंह, सुभाष, ऋषिपाल व ज्ञानवीर आदि रहे। 

2015 से सक्रिय गैंग, यह है तरीका
गैंग का सरगना शकील उर्फ अकील है। वह वर्ष 2015 में छर्रा से पीएनबी एटीएम के पास से इसी फ्राड में दबोचा गया था। इसके बाद गैंग बनाकर शकील ने यूपी व अन्य प्रांतों में भी यह वारदात शुरू कर दीं। पूछताछ में स्वीकारा कि हम लोग केबिन में घुसकर मदद के नाम पर या तो पासवर्ड डालते समय देखते हैं और फिर एटीएम कार्ड बदलते हैं या फिर किसी अनपढ़ नासमझ से व्यक्ति को देखकर मदद के नाम पर उसके पासवर्ड डालते ही एटीएम कीपैड हैक करते हैं। इसके बाद वह चला जाता है और रुपये बाद में हम निकाल लेते हैं। जिस एटीएम को बदलते हैं, उससे तत्काल खरीदारी करते हैं।

सीसीटीवी ने कराई गिरफ्तारीः पुलिस टीम को पिछले दिनों की वारदात में गैंग के सदस्यों के सीसीटीवी में कैद चेहरे मिल गए। इसके आधार पर इनका लंबे समय तक पीछा किया और मुखबिरों ने इनकी सटीक सूचना दी।
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