गंगल हत्याकांड में शूटर गिरफ्तार, पर राज अभी बरकरार
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खैर के पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ के बेहद करीबी और कारोबारी विजय गंगल हत्याकांड के खुलासे में जुटी पुलिस ने 56 दिन की कवायद के बाद हत्या को अंजाम देने वाले 25 हजार के इनामी शूटर और कारतूस मुहैया कराने वाले को गिरफ्तार कर लिया है। मगर पुलिस अभी हत्याकांड के राज से पर्दा नहीं उठा पाई है। पुलिस का दावा है कि इसी शूटर ने अपने तीन अन्य साथियों की मदद से गंगल की हत्या को अंजाम दिया था। इसका एक अन्य साथी शूटर तीन दिन पहले जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। पूरा राज उसके पेट में है। फिर भी काफी कुछ कड़ियां जोड़ ली गई हैं। जमानत तुड़वाकर जेल गए शूटर को रिमांड पर लिया जाएगा। दो अन्य शूटर अभी फरार हैं, उन्हें पकड़ा जाएगा और जल्द ही हत्या के कारण और हत्या कराने वाले का नाम उजागर किया जाएगा।
प्रभारी एसएसपी/एसपी क्राइम आशुतोष द्विवेदी, एसपी देहात डॉ. यशवीर सिंह, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने गुरुवार को पुलिस लाइन सभागार में संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता में बताया कि 12 अप्रैल की शाम कस्बा खैर में अपने प्रतिष्ठान के बाहर खड़े प्रतिष्ठित कारोबारी विजय गंगल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस खुलासे में थाना पुलिस के अलावा एसओजी/सर्विलांस टीम के साथ-साथ एसटीएफ के सीओ प्रमेश शुक्ला के नेतृत्व में एक टीम भी जुटी हुई थी।
इसी बीच सर्विलांस, मुखबिरी इनपुट आदि के जरिये कुछ शूटरों के नाम सामने आए। उनका लगातार पीछा किया जा रहा था। मगर वह अपने घरों से गायब थे। इसी बीच बुधवार देर शाम को प्रदीप उर्फ सूरज निवासी गांव सोफा खैर को हत्या में प्रयुक्त 9 एमएम बोर की पिस्टल व कारतूस सहित गिरफ्तार किया गया। इससे तीन दिन पहले पुलिस दबाव पड़ने पर प्रदीप का दूसरा साथी पुनीत निवासी सोफा हाल निवासी पिलखुआ गाजियाबाद किसी पुराने मुकदमे में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया।
जब प्रदीप से पूछताछ हुई तो उसने गंगल की हत्या करना स्वीकारते हुए बताया कि यह सुपारी पुनीत ने ही ली थी। किसने उसे सुपारी, कितनी रकम में दी और क्यों दी, इन सवालों का जवाब उसी के पास है। उसने बताया कि हत्या से एक दिन पहले प्रदीप व पुनीत सहित चार लोग मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र के गांव भालई निवासी कालीचरण उर्फ कालू के घर एकत्रित हुए। जहां हम एक कार व एक बाइक से पहुंचे थे। वहां कालीचरण से हमने 9 एमएम बोर के 6 कारतूस खरीदे। रात को वहीं रुके। उस दौरान हमारा नोएडा से एक साथी आया।
उसके आने पर सुबह वहां से हम खैर के लिए चले आए और शाम को मौका लगने पर गंगल की हत्या की। हत्या के वक्त हम दो बाइकों पर थे। मगर इसके बाद हम भाड़े की कार 2 हजार रुपये पर लेकर खैर से बाहर भागे। इसके बाद से लगातार यह लोग अपने घरों से गायब थे। पुलिस ने प्रदीप से पूछताछ के बाद कालीचरण को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को गुरुवार को जेल भेज दिया गया। एसपी देहात के अनुसार गिरफ्तार शूटर प्रदीप 25 हजार का इनामी है। वह खैर क्षेत्र में हाईवे पर वर्ष 2017 में हुई वरना कार लूट व एक अन्य लूट में भी फरार चल रहा था। इस मौके पर ट्रेनी आईपीएस रोहन पी बोत्रे, इंस्पेक्टर खैर अरविंद मलिक आदि मौजूद रहे।